इजरायल के माउंट मेरोन में लाग बी'ओमर उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 44 यहूदियों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया है कि इस हादसे में 103 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इजरायल की बचाव सेवा, द मैगन डेविड एडोम (एमडीए) ने अंदेशा जताया है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। लाग बी'ओमर इजरायल के रूढ़िवादी यहूदियों को प्रमुख धार्मिक उत्सव है, जिसे हिब्रू महीने आयर (Iyar) के 18वें दिन मनाया जाता है।

इजरायली मीडिया येरुशलम पोस्ट ने अभी तक 44 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को बंद कर दिया और वहां इकट्ठा हुए लोगों को बाहर निकाला। एमडीए ने कहा है कि घायलों में 38 लोगों की हालत बहुत ही गंभीर है, इनमें से कई अभी भी भगदड़ वाली जगह पर पड़े हुए हैं। पुलिस के साथ राहत और बचाव एजेंसियां घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के काम में जुटी हुई हैं।

यह धार्मिक आयोजन पिछले साल कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण नहीं हुआ था। इस बार वैक्सीनेशन के बाद इस धार्मिक उत्सव के आयोजन की मंजूरी मिली हुई थी। जिसके बाद बड़ी संख्या में यहूदी लोग तीर्थयात्रा में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए थे। यह कार्यक्रम एक स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा था, जिसमें लाखों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि भगदड़ की शुरुआत स्टेडियम में लोगों के बैठने की एक जगह के गिरने से हुई। जैसे ही स्टेडियम का एक हिस्सा ढहा, लोग जान बचाने के लिए चारों तरफ दौड़ने लगे। जिसके बाद पूरे स्टेडियम में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग और बच्चे शामिल हैं। इजरायली मीडिया ने जमीन पर प्लास्टिक की थैलियों में ढंके शवों की एक तस्वीर प्रकाशित की गई है।

आपातकालीन सेवाओं ने घायलों को निकालने के लिए छह हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे भारी आपदा करार देते हुए सभी घायलों के स्वस्थ होने की अपील की। उन्होंने लिखा कि हम सभी हताहतों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इजरायली सेना ने कहा कि उसकी मेडिकल टीमें और जवान माउंट मेरोन में घायल लोगों को बचाने के अभियान में जुटी हुई हैं।