देश में वैक्सीन की कमी के बीच आज नीति आयोग के सदस्य वीके पाॅल ने एक उम्मीद भरी घोषणा की है।  उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा कि स्पूतनिक कोरोना वैक्सीन भारत आ चुका है और मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि यह वैक्सीन अगले सप्ताह से बाजार में उपलब्ध होगा। 

डाॅ वीके पाॅल ने कहा कि कोई भी वैक्सीन जिसे एफडीए या डब्ल्यूएचओ ने अनुमति प्रदान किया हो वो उसे भारत आने की अनुमति होगी।  इंपोर्ट लाइसेंस एक से दो दिन में दे दिया जायेगा। कोई भी इंपोर्ट लाइसेंस लंबित नहीं है। 

डाॅ पाॅल ने कहा कि लोगों का कहना है कि कोवैक्सीन के निर्माण में अन्य कंपनियों की मदद भी लेनी चाहिए।  मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि जब हमने इस संबंध में कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बाॅयोटेक से इस बारे में चर्चा की तो उन्होंने इसपर अपनी सहमति दे दी और इस प्रस्ताव का स्वागत किया।  इस वैक्सीन की मदद से कोरोना वायरस को मारा जा सकता है और इसका निर्माण सिर्फ BSL3 लैब में किया जा सकता है। 

प्रेस काॅन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हमने अबतक 17.72 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा दिया है।  अमेरिका में 26 करोड़ लोगों को टीका दिया जा चुका है।  इस तरह से भारत टीकाकरण के मामले में विश्व में तीसरे नंबर पर है। 

देश में 187 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट आयी है।  यह आंकड़ा पिछले दो सप्ताह का है।  डाॅ पाॅल ने कहा कि 45 साल से अधिक के एक तिहाई लोगों को हमने सुरक्षित कर लिया है और यह हमारे लिए खुशी की बात है।  देश में कोरोना से होने वाली मौत में 88 प्रतिशत इसी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।  इससे इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि हमने मौत के रिस्क को कितना कम किया है। 

स्पूतनिक वी का और डोज भारत आएगा। जुलाई से भारत में इसका उत्पादन भी शुरू हो जायेगा और लगभग 15.6 करोड़ डोज का निर्माण इस अवधि में भारत में होगा।