राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला द्वारा एनआरसी मसौदे को जारी करने के यहां की कानून व्यवस्था बिगडऩे की आशंका जताए जाने को लेकर गृह विभाग अभी से सक्रिय हो गया है। संवेदनशील जिलों खासकर अल्पसंख्यक बहुल जिलों में पुलिस विभाग ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था दी है।

टाईम-8 से बताचीत में असम पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (विशेष शाखा) पल्लव भट्टाचार्य ने इस आशय की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में कई ऐहतियात बरते जा रहे हैं। इनमें धुबड़ी, बरपेटा, दरंग, हैलाकांदी, ग्वालपाड़ा, करीमगंज, नगांव, मोरीगांव और बंगाईगांव जिले प्रमुख हैं।

उन्होंने सूत्रों के हवाले से यह भी खबर दी है कि कुछ असामाजिक तत्व संवेदनशील अंचलों में सांप्रयायिक तनाव पैदा कर रहे हैं। पुलिस को मिली इनपुट के अनुसार ये वे लोग हैं जो एक शुद्ध अनआरसी प्रकाशित होने देना नहीं चाहते हैं और इसी वजह से दंग भड़काने की कोशिश में लगे हैं।

भट्टाचार्य ने बताया कि अगले पांच छह महीने तक कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बलों को भी नियुक्त कर दिया जाएगा। जब संवेदनशील अंचलों में दंगे होने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया कि उन्होंने कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय है कि अगर सुरक्षा में कोई कोई खामी नहीं रहेगी तो उस तरह की स्थिति ही पैदा नहीं होगी। हम सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं।