उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चौथे चरण की वोटिंग से एक दिन पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक बार फिर जाति जनगणना का समर्थन किया है और उसी के आधार पर सभी को आरक्षण और अन्य सुविधाएं देने की वकालत भी की है.अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ जो छोटी-छोटी पार्टियां हैं वो जातिगत जनगणना चाहती हैं, वो चाहती हैं कि आरक्षण खत्म न हो. वो चाहते हैं कि आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिले लेकिन बीजेपी को इससे डर लगता है. अखिलेश ने आगे कहा कि ये जितने क्षेत्रीय दल हमारे साथ आए हैं, इनमें दलित हैं, अम्बेडकरवादी हैं, समाजवादी हैं, ये सभी जाति जनगणना चाहते हैं.

अखिलेश ने कहा कि बीजेपी का कोई नेता क्या जाति जनगणना कराएगा. क्या जाति जनगणना के आंकड़े जनगणना के सामने आएंगे? ये सभी छोटे दल जाति के आधार पर जनगणना चाहती है, लेकिन बीजेपी जाति जनगणना क्यों नहीं चाहती है? ओबीसी जातियों के समीकरण की चर्चा करते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर बीजेपी ओबीसी को साथ लेना चाहती है तो जाति जनगणना से पीछे क्यों हट रही है

खुद को औरंगजेब कहे जाने पर अखिलेश ने कहा कि नेताजी दूर रहते हैं तो औरगंजेब कहते हैं, प्रचार करते हैं तो सवाल पूछते हैं कि उन्हें लाने की क्या जरुरत पड़ गई. अखिलेश ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश आगे कैसे बढ़ेगा. इस पर काम कर रहे हैं. अपने शासन काल में हम अधिकारियों ह्यूस्टन भेजे, सिंगापुर भेजे फिर यूपी के लिए उत्कृष्ट पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम दिया. लेकिन इस सरकार ने सब खराब कर दिया. इसलिए हम कह रहे हैं कि नई हवा है, नई सपा है.

उन्होंने कहा कि अगर लोग कुछ बदलाव चाहते हैं, हमारा कोई ऐसा सपना जो पूरा नहीं हो पाया है तो हम उसके लिए काम करेंगे, इसलिए हमनें नई सपा, नई हवा का नारा दिया है. अखिलेश ने कहा कि हम दुनिया का सबसे अच्छा एक्सप्रेसवे बना रहे थे. फ्रांस के तर्ज पर यूपी में कृषि मंडी बना रहे थे. वर्ल्ड क्लास अस्पताल बना रहे थे.