समाजवादी पार्टी ने कौशांबी की चायल विधानसभा से पूर्व विधायक पूजा पाल को उम्मीदवार घोषित किया है. पूजा पाल इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा से पति राजू पाल की हत्या के बाद दो बार विधायक रह चुकी हैं. पूजा ने राजनीतिक पारी की शुरुआत पति की हत्या के बाद शुरू की है.

पूजा पाल के पति की 2005 में हुई हत्या

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2004 में शहर पश्चिमी से विधायक अतीक अहमद फूलपुर से सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे तो यह सीट खाली हो गई, जिस पर हुए उपचुनाव में राजू पाल ने बाहुबली अतीक अहमद के भाई अशरफ को चुनाव हरा दिया था. इसके कुछ माह बाद विधायक राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को सरेआम हत्या कर दी गई. तब राजू पाल और पूजा पाल की शादी के कुछ दिन ही हुए थे. हत्या का आरोप अतीक और उसके भाई अशरफ पर लगा था. इस मामले में मुकदमा अब भी लंबित है.

पति राजू पाल की हत्या के बाद 2006 में हुए उपचुनाव में पूजा पाल बीएसपी के टिकट पर अतीक अहमद के भाई अजीम अशरफ से चुनाव हार गई थी. वहीं 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर ही वह विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचीं थी. 2017 के चुनाव में पूजा ने बीएसपी से ही एक बार फिर किस्मत आजमाई, लेकिन इस बार जनता ने साथ नहीं दिया. वह 40 हजार 499 मत पाकर तीसरे नंबर पर रहीं.

पूजा पाल ने लोकसभा चुनाव से पहले थामा सपा का दामन 

पूजा पाल ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सपा का दामन थाम लिया था. अब सपा ने पूजा पाल को कौशांबी की चायल सीट से उम्मीदवार घोषित किया है. अब वह यहां से क्या कुछ कमाल करती हैं, यह देखने वाली बात होगी.