उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Assembly elections in Uttar Pradesh) करीब आने के साथ ही दलबदल के सिलसिले को आगे बढ़ाने की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गयी है। समझा जाता है कि समाजवादी पार्टी (सपा) (SP) एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) (BSP) के कुछ विधायकों के जल्द ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (BJP) का दामन थाम सकते हैं। 

हाल ही में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने भी दूसरे दलों के तमाम विधायक भाजपा के संपर्क में होने की बात कही थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार सपा-बसपा के 10 विधान पार्षद बहुत जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इनमें से कुछ विधायकों के नाम उजागर होने के बाद इनके जल्द पाला बदलने की चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया। हालांकि पार्टी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एक भाजपा नेता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने दागी छवि वाले नेताओं से बचने की हिदायत दी है। इसलिये भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं का ट्रेक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि सपा के सदस्यों को भाजपा में शामिल कराने में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा (Dr. Dinesh Sharma) और भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह (dayashankar Singh) इन नेताओं की छवि की समीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनो में बसपा के कई बड़े नेता सपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके है जबकि 2017 में भाजपा गठबंधन में शामिल सुभासपा ने इस बार सपा के साथ मिलकर चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। उधर, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) अकेले दम पर सभी सीटों पर चुनाव लडऩे की घोषणा कर चुकी है। भाजपा में भी सपा, कांग्रेस के कुछ नेता शामिल हो चुके हैं।