भारत सरकार वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign gold bond) की पहली बिक्री 17 मई यानी सोमवार से शुरू करने जा रही है, जो कि अगले 5 दिनों तक चलेगी.

आपको बता दें कि ये बॉन्ड भारत सरकार की तरफ से रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) जारी करता है. वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली बिक्री 17 मई यानी सोमवार से शुरू होकर पांच दिन तक खुली रहेगी. वित्त मंत्रालय ने पिछले दिनों इस बाबत एक बयान जारी किया है. बयान के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड मई से लेकर सितम्बर के बीच छह किस्तों में जारी किये जायेंगे. वित्त वर्ष 2021-22 की पहली किस्त के तहत 17 से 21 मई के बीच खरीद की जा सकेगी और 25 मई को बांड जारी किये जायेंगे.

मंत्रालय की मानें तो बांड स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के माध्यम से बेचे जाएंगे. लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंकों को बॉन्ड बेचने की अनुमति नहीं होगी. भारत सरकार की तरफ से ये बॉंड रिजर्व बैंक द्वारा जारी किये जायेंगें वित्त मंत्रालय ने बताया कि सोने के बॉन्ड का दाम इंडिया बुलियन एण्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा जारी दाम के सामान्य औसत भाव पर होगा.

यह दाम निवेश की अवधि से पहले के सप्ताह के अंतिम तीन कारोबारी दिवस के दौरान 999 शुद्धता वाले सोने का औसत भाव होगा. बॉन्ड खरीदने के लिये ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वालों को बॉन्ड के दाम में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी. बॉन्ड की अवधि आठ वर्षों की होगी जिसमें पांच साल बाद अगले ब्याज भुगतान की तिथि पर बॉन्ड से हटने का भी विकल्प होगा. स्वर्ण बॉड में निवेश एक ग्राम के मूल यूनिट के अनुरूप किया जा सकेगा. कम से कम एक ग्राम सोने के लिये निवेश करना होगा.

बयान के अनुसार कोई भी व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार अधिकतम चार किलोग्राम मूल्य तक का बॉन्ड खरीद सकता है जबकि ट्रस्ट और समान संस्थाएं के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है. बांड खरीदने के लिए अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) संबंधी मानदंड उसी तरह के होंगे जैसे कि बाजार से सोना खरीदते हुए होते हैं. सरकार की सावरेन गोल्ड बॉंड योजना नवंबर 2015 में शुरू हुई थी.