उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले सोमनाथ निषाद (somnath nishad) बैनर और तख्ती लेकर अयोध्या (ayodhya ) पहुंचे हैं। वह भगवान राम के सामने पुलिस के अत्याचारों से न्याय दिलाने में मदद करने की गुहार लगा रहे हैं। बस्ती से अयोध्या (ayodhya ) तक पैदल 70 किलोमीटर का सफर तय कर चुके निषाद ने संवाददाताओं को बताया कि स्थानीय पुलिस ने उनके खिलाफ कई फर्जी आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने हर दरवाजे पर दस्तक दी है लेकिन किसी ने मेरी मदद नहीं की। मुझे वहां न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं बची है इसलिए मैं भगवान राम (lord shri ram) के पास आया हूं क्योंकि वह सर्वशक्तिमान हैं। मुझे विश्वास है कि मुझे यहां न्याय मिलेगा। निषाद ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब इस साल की शुरूआत में उनके गांव में कुछ अन्य निवासियों के साथ मामूली झड़प हुई और तत्कालीन उप-निरीक्षक दीपक सिंह ने उनके खिलाफ कथित तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी समूह के इशारे पर मामला दर्ज किया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझ पर गुंडा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मैं सभी पुलिस अधिकारियों से अपने मामले की समीक्षा करने की गुहार लगा रहा हूं लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया है।निषाद ने आरोप लगाया कि सिंह ने उनसे 20,000 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा था और जब वह राशि का भुगतान नहीं कर सके, तो पुलिस अधिकारी ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक लडक़ी और उसके परिवार के आठ सदस्यों को फर्जी मामले में गिरफ्तार करने के बाद सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामला मीडिया की सुर्खियों में आया और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।