कोरोना वायरस से देश में बनी संकट घड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार गई उपाए कर रही है। लॉकडाउन के कारण सभी काम धंधे ठप पड़े हुए हैं। जिसके चलते कोई पैसा बाजार में घुम नहीं रही है। लोग घर खर्च के लिए परेशान हो रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है। इस ऐलान में 20 लाख करोड़ का राहत पैकेज लोगों को दिया है।

लेकिन इस महापैकेज में लोग केंद्र सरकार की सरहाना कर रहे हैं। लेकिन कई लोग है जो इस पैकेज पर नकारात्मक प्रक्रिया दे रहे हैं। इसी तरह से रविशंकर प्रसाद ने कोरोना वायरस के खतरे की बात करते हुए कहा कि इस समय दुनिया में जो हो रहा है, उसने सब कुछ बदल दिया है। एक के बाद एक कोशिशें की जा रही है जिससे की स्थिति बेहतर हो सके। 20 लाख करोड़ के महापैकेज का असल मकसद क्या इस बारे में अभी कोई नहीं जानता है।मोदी सरकार ने लोगों के खातों में सीधे लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपए भेजे हैं। इसी तरह से कई कानून में बदलाव किया जा रहा है, ताकि किसान अपनी फसल अपनी मर्जी से जिस बाजार में चाहे वहां बेच सके। गरीब मजदूरों को मोदी सरकार गेहूं, चावल, चना तो दे ही रही है, साथ ही मनरेगा के जरिए काम भी मुहैया करा रही है। मोदी सरकार के महापैकेज का असल मकसद ये है कि लोगों की क्षमता बढ़ाई जा सके और साथ-साथ उन्हें तुरंत राहत भी मिले।