देश में जारी लॉकडाउन 4.0 में केंद्र सरकार ने काफी छुट दी है। इसी के चलते दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिससे किरायदारों को झटका लग सकता है।  हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कोरोना महामारी में जारी लॉकडाउन में किरायेदारों का किराया माफ नहीं किया जाएगा। हालांकि, राहत के तौर पर इसे कुछ दिन के लिए टाला जा सकता है।


या सहूलियत के लिए किस्तों में भुगतान किया जा सकता है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि किरायेदार लॉकडाउन संकट दुकान या घर पर अपना कब्जा नहीं बना सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि उच्च न्यायालय ने खान मार्केट के कुछ दुकानदारों की याचिका पर यह फैसला दिया है।


उल्लेखनिय है कि दुकानदारों ने याचिका पर लॉकडाउन के दौरान वे दुकान का इस्तेमाल करने में असमर्थ थे, ऐसे में उन्हें किराये का भुगतान करने से छूट दी जाए तो न्यायालय ने उनकी मांग को खारिज कर दिया और आदेश दिया कि बेदखली के आदेश होने के बाद भी दुकानदार दुकान खाली नहीं करना चाहते तो लॉकडाउन के चलते किरायेदार किराये के भुगतान से छूट या इसे स्थगित करने की मांग करने का हकदार होगा।