सरकार द्वारा बचत योजनाओं के ब्याज दर में कटौती के ऐलान को कुछ घंटों के भीतर ही वापस ले लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सुबह एक ट्वीट कर यह फैसले को वापस लेने से जुड़ी जानकारी साझा की। 

ट्वीट में उन्होंने लिखा कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें पहले की तरह बनी रहेंगी जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थीं। कल शाम जो आदेश जारी किया गया था उसे वापस लिया जा रहा है। बता दें कि यह करोड़ों जनता के लिए काफी राहत की बात है। 

हालांकि, बीते दिन से सरकार द्वारा कटौती के फैसले से हमलावर विपक्ष अब फैसले को वापस लेन पर भी केंद्र को घेर रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव का डर था इस कारण फैसला वापस लिया गया। इसके अलावा भी अन्य नेताओं ने तंज कसा।

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'वापस ले लिया। ऐसा लगता है, वित्त मंत्री ने सभी प्रमुख समाचार पत्रों में आज की सुबह की सुर्खियों को पढ़ने के बाद कटौती की घोषणा को वापस लेने का महसूस किया। हालांकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की नीतियां एक तरह से असफल अर्थव्यवस्था का परिणाम हैं।'

सरकार द्वारा फैसला पलटने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'चुनाव के डर से मोदी-शाह-निर्मला सरकार ने अपना गरीब व आम आदमी की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर का निर्णय बदल दिया, धन्यवाद, लेकिन निर्मला जी यह वादा भी कर दीजिए कि चुनाव हो जाने के बाद भी आप फिर से ब्याज दर नहीं घटाएंगीं।'

उधर, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, 'भाजपा सरकार ने अपने फायदे के लिए ब्याज दरों में कमी करके मध्यम वर्ग पर एक और हमला करने का फैसला किया था, लेकिन पकड़े जाने पर वित्त मंत्री ने अनजाने में गलती हुई के बहाने बना रही हैं, जब मुद्रास्फीति लगभग 6 फीसद है और बढ़ने की उम्मीद है, तो भाजपा सरकार बचतकर्ताओं और मध्यम वर्ग को 6 फीसद से कम ब्याज दर दे रही है, जो पूरी तरह से गलत है।'