कृषि कानून (farm law) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच सिंघु बॉर्डर (Singhu border ) पर आज एक महत्वपूर्ण बैठक है, जिसको लेकर सभी किसान नेता पहुंच चुके हैं। इस बैठक में आगे की रणनीति के अलावा इस बात पर भी विचार विमर्श किया जाएगा कि आंदोलन को अब कैसे खत्म करना है।

इसके अलावा किसानों की ओर से यह साफ कर दिया है कि, प्रधानमंत्री को अपनी मांगों के साथ लिखे गए पत्र का अभी भी इंतजार कर रहें हैं, जिसमें उन्होंने 6 मांगें रखी हुई है। इसके अलावा किसान अपने 5 प्रतिनिधियों के नाम भी सामने रखेगी, जो केंद्र सरकार द्वारा मांगे गए हैं। आज के बैठक (Farmers meeting) से आज कुछ बड़े फैसले लिये जाने की उम्मीद लगाई जा रही है। दरअसल किसान इस बात की मांग कर रहें हैं कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, मृतक किसानों को मुआवजा मिले, एमएसपी (MSP) पर कानून बनाया जाए आदि।

भारतीय किसान यूनियन (bhartiya kisan union) के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन (Rajveer Singh Jadoun) ने बताया, बैठक शुरू हो गई और इसपर हम अपने मुद्दों पर और अन्य किसान नेताओं के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे। हमें अभी भी प्रधानमंत्री की ओर से जवाब का इंतजार है। दरअसल कृषि कानूनों को वापस लिया जा चुका है लेकिन किसान अब एमएसपी (MSP) की गारंटी की मांग कर रहें है। इसके अलावा उन्होंने अपनी अन्य मांगों को भी जोड़ दिया है। हालांकि इस बीच इस बात की भी अफवाहों ने जोर पकड़ा था कि कुछ किसान संगठन घर वापस जाना चाहते है क्योंकि कानूनों की वापसी हो गई है। लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukta Kisan Morcha) की ओर से इस बात को हमेशा नकारा गया है।