सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर निगरानी कर दार्जिलिंग जिला प्रोटक्शन ऑफ ह्यूमन एंड चाइल्ड सेल ने 6 साल पहले अपहृत नाबालिग लड़की को बरामद किया। वह अब बड़ी हो चुकी है और दो बच्चे की मां भी है। नाबालिग के दौरान उसे बहलाकर-फुसलाकर अपहरण करने के आरोप पर पति नयन मंगर को पीओडब्लूसी के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है।

 
दार्जिलिंग जिला पुलिस सूत्रों से पता चला है कि कृष्णमाया सारकि मिरिक थाना अंतर्गत पानीघाटा बाजार निवासी है। उसने मिरिक थाने में 2012 साल में अपने 16 वर्षीय नतनी के अपहरण होने की शिकायत दर्ज करवायी थी। मिरिक पुलिस ने इसकी छानबीन की। लेकिन लड़की का पता नहीं चल पाया।


नियमानुसार 3 साल के भीतर अपहृत नाबालिग बरामद नहीं हो सका तो मामला पीओडब्लूसी सेल में चला जाता है। सेल इंस्पेक्टर डीएन बाग की अगुवायी में एक जांच कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी फेसबुक पर निगरानी रख रही थी।


छानबीन में पुलिस को लड़की का फेसबुक अकाउंट का पता चला। इंस्पेक्टर को पता चला कि सिक्किम के रानीपुल इलाके से यह फेसबुक चलाया जा रहा है। इसके बाद सेल की पुलिस ने सिक्किम पुलिस की मदद से 24 मई को रानीपुल से लड़की को बरामद किया। जानकारी मिली है कि लड़की के अपहर्ता नयन मंगर नामक युवक के साथ शादी कर ली। उनके दो बच्चे भी है।


6 साल पहले नाबालिग को अपहरण करने के आरोप में नयन मंगर को पुलिस ने गिरफ्तार कर दार्जिलिंग अदालत भेज दिया। वर्षों बाद नतनी को वापस पाकर कृष्णमाया सारकी काफी खुश है। उन्होने पुलिस का धन्यवाद किया है।