डिमापुर।  नगालैंड के 6 भूमिगत संगठनों ने घोषणा की है कि वे नगा व्यवसायियों से टेक्स नहीं लेंगे परंतु अगर नगा चाहे ताे वे दान दे सकते हैं। यह 6 भूमिगठ संगठन हैं- जीपीआरएस, एनएससीएन, एनएनसी, एफजीएन, एनएनसी, एनपीजीएन, एनएनसी (एनए), एनएससीएन (आर) और एनएनसी, जीडीआरएन (एनए) , जिसे नगा नेशनल पोलिटिकल ग्रुप (एनएनपीजी) के नाम से  जाना जाता हैं।

 उन्होंने जनता की मांग पर एक वर्किंग ग्रुप का भी गठन किया।  एक संयुक्त बयान में एनएनपीजी ने कहा कि नगा व्यवसायियों को टैक्स की छूट इसलिए दी  गई है ताकि युवा नगा अपने भविष्य का निर्माण कर सकें । परंतु उन्होंने कहा कि नगा और गैर-नगा व्यापारियों के बीच अगर कोई संयुक्त उद्यम या साझदारी होती है ता उन पर टैक्स की  छूट नहीं होंगी। 

उन्होंने बताया कि कई  युवा नगा, जो किसी व्यवसाय पर स्वामित्व का दावा करते है परंतु उन्हें गैर-नगा व्यवसायी मासिक सुरक्षा शुल्क देते है ऐसी  प्रथा को तुरंत रोकनी होगी।

एनएनपीजी ने कहा आज पढ़े -लिखे और प्रतिभावान युवा नगा गैर-नागा व्यापारियों के लिए बाउंसर और सुरक्षा गार्ड की  तरह काम करते है जो व्यापारी आज युवा नगाओं को फर्जी मालिक की तरह रखते है उन्हें दंडित किया जाएगा। 

यह 6 एनएनपीजी ने कहा कि ननगालैंड  में भ्रष्टाचार आसमान छु रहा है, इसलिए आज सिविल सोसाइटी को रोष प्रकट करना पड़  रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की राजनीतिक मांग माननी होगी।