जोराबाट । गुवाहाटी महानगर के बाहरी इलाके में आठ वर्ष पहले हुए एक ही परिवार के छह लोगों को हत्या के मामले में बुधवार की रात को सीआईडी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया । दोनों पुलिस अधिकारी हैं तथा इन पर सबूतों को मिटाने का आरोप है । 

12 दिसंबर, 2009 को मध्य रात्रि में एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या कर दी  गई थी । इस हत्याकांड के पीछे जमीन पर कज्जा करना था। ग्रामीण व बेहद गरीब किसान हरकान्त दोले व उनकी पत्नी सपना दोले , पनीत्ता दोलै , सविता दोलै, दुकूल दोलै व अतुल दोलै समेत कुल छह लोगों की बड़ी बेरहमी से हत्या की गई थी । 

इस हत्याकांड में दुकूल दोलै व अतुल दोलै के सिर को कुल्हाडी से काटकर धड़ से अलग कर दिया गया था । घटना के दिन से ही मामले को जांच सीआईडी कर रही है लेकिन एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। माना जा रहा था कि इस हत्याकांड के पीछे तत्कालीन सरकार में शामिल एक मंत्री का हाथ था, जिसके चलते जांच हर बार प्रभावित होती रही । 

सत्ता बदलने के बाद स्थानीय भाजपा विधायक ने सरकार से इस मामले को तेजी से जांच कराकर पीड़ित को इंसाफ दिलाने की मांग की थी । इस बीच सीआईडी की जांच धीर-धीरे आगे बढ़ती रही अंतत: बुधवार की देर शाम को सीआईडी ने सोनापुर थाने के तत्कालीन प्रभारी प्रणव डेका व मामले के जांच अधिकारी अब्दुल मतलेब चौधरी को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया । 

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद हरकांता दोलै के बड़े भाई ओवर्जन दोलै ने कहा की इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी के जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी को सजा देनी चाहिए ।