त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छह विधायकों के भाजपा में शामिल होने के चार महीने बाद विधानसभा अध्यक्ष रामेंद्र चंद्र देबनाथ ने उन्हें भाजपा विधायकों के तौर पर मान्यता दे दी। इस तरह त्रिपुरा विधानसभा में पहली बार भाजपा के भी विधायक हैं।


विधानसभा अध्यक्ष ने बताया, 'छह विधायकों ने मुझे 8 नवंबर को पत्र लिखकर उन्हें भाजपा विधायकों के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध किया था। टीएमसी अध्यक्ष को मैंने 14 दिन का नोटिस भेजा था। चूंकि मुझे उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला और न ही कोई आपत्ति व्यक्त की गई, तो मैंने उन्हें मान्यता प्रदान कर दी।' मालूम हो कि 7 अगस्त को सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में पांच अन्य विधायक आशीष कुमार साहा, दिबा चंद, बिस्वा बंधु सेन, प्रंजित सिंह रॉय व दिलीप सरकार और टीएमसी के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए थे।


इससे पहले 3 जुलाई को ही टीएमसी के महासचिव और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कोलकाता में कहा था कि मुकुल राय के नजदीकी रहे त्रिपुरा के छह विधायकों के साथ पार्टी का अब कोई संबंध नहीं है। मुकुल राय भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं।


दिबनाथ द्वारा मान्यता दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साहा ने कहा कि भाजपा विधायकों के रूप में मान्यता देने में विधानसभा अध्यक्ष ने जानबूझकर विलंब किया है। त्रिपुरा विधानसभा में अब माकपा नीत वाम मोर्चे के 51, कांग्रेस के 3 और भाजपा के 6 विधायक हैं।