मध्य प्रदेश के अशोक नगर के पंचावली गांव से एक खबर ऐसी आई, जिससे सुनने के बाद सभी हैरान है। भारी बारिश के कारण सिंध नदी उफान पर थी, लेकिन जब नदी का पानी कम हुआ, तो यहां से ग्रामीणों को चांदी के सिक्के मिले। 

ये खबर जंगल की आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे चांदी के सिक्के की तलाश में जुट गए। तीन दिन से हुई भारी बारिश के कारण सिंध नदी उफान पर थी, लेकिन कुछ दिन बाद सिंध नदी का पानी कम हो गया।  पानी कम होने के बाद जब नदी किनारे से कुछ ग्रामीण गुजरे तो उन्हें चांदी के सिक्के मिले। ये चांदी के सिक्के बेहद खास नजर आ रहे थे, जिन पर अंग्रेजी हुकूमत के दौरान की छाप लगी हुई थी। पहले एक दो सिक्के मिले, लेकिन जब ग्रामीणों ने और खोजबीन की तो यहां से सात-आठ इसी तरह के सिक्के और मिल गए। 

इसके बाद तो मानो ग्रामीणों को ऐसा लगा कि नदी में कहीं से खजाना बहकर आ गया है। ये खबर तेजी से गांव में फैली, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए और सिक्कों की तलाश में जुट गए। कोलारस एसडीपीओ ने बताया कि सोशल मीडिया से इस बात की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच के लिए थाना प्रभारी को मौके पर भेजा गया है। अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये सिक्के आखिर आए कहां से। हालांकि इन सिक्कों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोगों का मानना ये है कि हो सकता है कि किसी घर में छुपाकर रखे गए ये सिक्के बाढ़ के पानी में यहां बहकर आ गए हों, तो वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है कि धार्मिक आस्था के चलते लोग नदी में सिक्कों का दान करते हैं। लोगों का कहना है कि हो सकता है कि बाढ़ का पानी कम होने पर वही सिक्के नदी किनारे बहकर पहुंच गए, जो ग्रामीणों के हाथ लग गए हैं।