विमानन मंत्रालय सिक्किम राज्य के एक अधूरेपन को दूर करने की कोशिश में जुटा है। दरअसल सिक्किम ही देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां अभी तक ऑपरेशन एयरपोर्ट नहीं है। फिलहाल यहां पैक्यांग एयरपोर्ट तैयार हो चुका है। सिक्किम सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की योजना है कि वह राज्‍य के पहले और देश के 100वें एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करवाए। ऐसे में विमानों का परिचालन शुरू होते ही पैक्‍यांग सिक्किम का पहला और देश का 100वां ऑपरेशन एयरपोर्ट बन जाएगा। 

सिक्किम सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की योजना सफल रही तो जल्‍द ही प्रधानमंत्री पैक्‍यांग से स्‍पाइस जेट की पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर विमानन इतिहास में एक नया अध्‍याय दर्ज करेंगे।एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूत्रों के अनुसार सिक्किम की राजधानी गंगटोक से महज 30 किमी दूरी पर स्थिति पैंक्‍यांग एयरपोर्ट के परिचालन से संबंधित सभी कार्यों को पूरा कर लिया गया है।

हाल में ही, नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने पैक्‍यांग एयरपोर्ट से कामर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए एयरपोर्ट लाइसेंस भी हासिल कर लिया है। योजना के तहत सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने के अंत तक पैक्‍यांग एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि रीजनल कनेक्टिविटी स्‍कीम 'उड़ान' के तहत निजी एयरलाइंस स्‍पाइस जेट को पैक्‍यांग एयरपोर्ट से विमानों के परिचालन का अधिकार दिया गया है। विमानन मंत्रालय और स्‍पाइस जेट के बीच हुए अनुबंध के तहत अगले तीन साल तक पैक्‍यांग से कोलकाता के बीच फ्लाइट ऑपरेशन का अधिकार स्‍पाइस जेट के पास सुरक्षित रहेगा।

उन्‍होंने बताया कि स्‍पाइस जेट ने 10 मई को स्‍पाइस जेट ने अपनी पहली टेस्‍ट फ्लाइट को पैक्‍यांग से कोलकाता के बीच ऑपरेट किया। कोलकाता से रवाना हुई स्‍पाइस जेट की टेस्‍ट फ्लाइट पैक्‍यांग एयरपोर्ट पर सफलता पूर्वक लैंड कर गई। टेस्‍ट फ्लाइट के लिए स्‍पाइस जेट एयरलाइंस ने 78 सीटों वाला बांम्‍बाडियर 8Q-400 एयरक्राफ्ट का इस्‍तेमाल किया था। उल्‍लेखनीय है कि पैक्‍यांग एयरपोर्ट नार्थ-ईस्‍ट इंडिया का पहला ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट है। करीब 990 एकड़ में बना पैक्‍यांग एयरपोर्ट देश का पांचवां सर्वाधिक ऊंचाई वाला एयरपोर्ट है। इस एयरपोर्ट का निर्माण समुद्र से करीब 4590 फीट ऊंचाई पर किया गया है।

आपको बता दें कि पैक्‍यांग एयरपोर्ट के निर्माण का सपना करीब 11 साल पहले देखा गया था। भूमिअधिग्रहण में आई अड़चनों के चलते इस एयरपोर्ट के निर्माण में देर होती चली गई। 11 साल लंबे इंतजार के बाद यह एयरपोर्ट सिक्किम वासियों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है।