निक्कमे सरकारी विभाग की पोल एक ठेकेदार खोल रहा है मामला पूर्वी सिक्किम साजोंग रांका इलाके का है जहां 8.50 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य के लिए टेंडर वर्ष 2013 में हो पास जाने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण कार्य मात्र 50 फीसदी ही हो पाया है। निर्माण कार्य की धीमी गति के विरोध में आक्रोशित जनता ने सोमवार को प्रदर्शन किया।

लोगों के विरोध को देखते हुए राज्य के सड़क व पुल विभाग ने इस वर्ष के मई तक सड़क निर्माण का शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्य को तेजी देते हुए विभाग ने कार्य के लिए चयनित ठेकेदार थुकचुक ल्हांगचुका का टेंडर निरस्त करते हुए स्वयं ही सड़क का शेष निर्माण करने का बीड़ा उठाया है।


वहीं निरस्त होने के बाद सामने आते हुए ठेकेदार ने सफाई देते हुए कहा कि टेंडर के लिए कुल 14.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे किंतु विभाग द्वारा समय पर अग्रिम पैसा नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई। थुकचुक ने पत्रकारों को बताया कि निर्माण के लिए एशियन डेवलेपमेंट बैंक द्वारा फंडिंग की गई थी। ऐसे में निर्माण कार्य में विलंब होने में विभाग स्वयं दोषी है किंतु ठीकरा ठेकेदार पर फोड़ रहा है।



उन्होंने पत्रकारों को बताया कि यह एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा फंडिंग हुआ था। हालांकि उन्होने शेष कार्य विभाग द्वारा स्वयं करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि 50 फीसदी निर्माण में खर्च की गई राशि विभाग वापस करे। थुकचुक यहीं नहीं रुके उन्होने बताया कि विभाग ने कार्य की हरी झंडी मिलने के बाद भी करीब नौ माह तक सर्वेक्षण तथा अन्य कार्रवाई के नाम पर अड़चन डाल कार्य को रोक कर रखा।

इसके साथ ही ठेकेदार ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण के लिए पहाड़ काट कर कई कैफेटेरिया और जलापुर्ति पाइप लाइन भी हटाई जानी थी जो करने में विभाग असफल रहा। थुकचुक ने निर्माण कार्य के दौरान राज्य सरकार के अधीन वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र देने में देरी करने को भी निर्माण में विलंब के लिए जिम्मेदार बताया। उन्होने कहा कि हालांकि उक्त सड़क का निर्माण 2013 से 16 के बीच हो जाना चाहिए था किंतु उक्त सभी वजहों से कार्य की गति धीमी रही और अंत में नवंबर 2017 में विभाग ने निर्माण कार्य बंद करने का नोटिस थमा दिया।