सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के साथ बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक के बाद मंगलवार को जीटीए के चेयरमैन विनय तमांग ने भी चामलिंग से भेंट की। उन्होंने गंगटोक के मिन्तोगांग स्थित सीएम के सरकारी आवास पर पवन चामलिंग से भेंट की, इस मौके पर सीएम ने कहा कि दोनों ही पक्षों को पुरानी बातों को भुलाकर सहयोग के एक नये अध्याय की रचना करनी चाहिये।
 

सीएम चामलिंग ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने कभी भी बंगाल और दार्जिलिंग के मामलों में दखल नहीं दिया है। उन्होंने प्रदेश की जीवन रेखा एनएच-10 की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। साथ ही दार्जिलिंग क्षेत्र में रहकर पढ़ाई करने वाले सिक्किमी विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जिसके बाद विनय तमांग ने जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली सड़कों एवं पुलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिससे राज्य का विकास हो सके तो पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

 
बता दें कि गोरखालैंड के मसले को लेकर चले आंदोलनों में कथित रूप से हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर बंगाल और सिक्किम सरकार के मतभेद सुर्खियों में रहे थे. आंदोलनों के दौरान सिक्किम की परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित होती रही है। इसीलिये इन पहलुओं पर दोनों पक्षों ने सकारात्मक माहौल में विश्वास बहाली के लिये काम करने का संकल्प लिया।
 

 
      
इसी तरह प्रस्तावित

रेलवे लाइन और पनबिजली परियोजना के लिये टावरों के निर्माण के मामले में भी

सहयोग को जरूरी बताया, दोनों क्षेत्र के टैक्सियों के परिचालन में आ रहे

मतभेदों को दूर करने के लिए सचिव स्तरीय वार्ता को जरूरी बताया। सिक्किम व

दार्जिलिंग हिल्स को लेकर टूरिस्ट सर्किट बनाने पर भी सहमति हुई।

बातचीत में जीटीए चेयरमैन विनय तमांग ने आपसी सहयोग से काम करने पर जोर देते हुए कहा कि दोनों को संयुक्त रूप से नेपाली मूल की 11 उपजातियों को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिये संयुक्त प्रयास करना चाहिये।