आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरङ्क्षवद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में सिख चेहरा ही होगा पंजाब का मुख्यमंत्री होगा। केजरीवाल ने वादा किया कि 2022 में पंजाब प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और गोलीकांड के साजिशकर्ता और दोषियों को सजा देकर पंजाब के लोगों के साथ इंसाफ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा है, क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में सत्ताधारी अपनी कुर्सियां बचाने के लिए लड़ रहे हैं, परन्तु इनको पंजाब वासियों की कोई चिंता नहीं है। 

उन्होंने अकाली दल बादल और भारतीय जनता पार्टी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एक पार्टी तो बेअदबी, गोलीकांड, भ्रष्टाचार और नशे के आरोपों में घिरी हुई है और दूसरी पार्टी के नेताओं को पंजाब के लोग मोहल्लों में भी घुसने नहीं देते। श्री केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों ने 70 वर्षो में अकाली दल बादल, कांग्रेस और भाजपा को शासन करने के मौके दिए हैं, परन्तु अब वह आम आदमी पार्टी को पंजाब की सेवा और राजनैतिक इंकलाब लाने के लिए जरूर मौका देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए सरदार और पंजाबी उम्मीदवार को ही पार्टी की तरफ से सेवा का मौका दिया जाएगा। 

गौरतलब है कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की जांच रिपोर्ट रद्द होने के कारण आई.जी की नौकरी से इस्तीफा देने वाले प्रसिद्ध पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह (आई.पी.एस) आज यहां आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए हैं। केजरीवाल ने रस्मी तौर पर कुंवर विजय प्रताप सिंह का 'आप' में स्वागत करते हुए कहा कि कुंवर विजय प्रताप राजनेता नहीं हैं। उन्हें 'आम आदमी का पुलिसवाला' कहा जाता था। हम सभी यहां देश की सेवा करने के लिए हैं। इसी भावना के साथ वह आज पार्टी में शामिल हुए हैं। एक दिवसीय दौरे पर आज अमृतसर पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। 

शिअद सदस्यों ने गुरुद्वारा शीश गंज साहिब मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए। आप के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने कुंवर विजय प्रताप सिंह का 'आप' में स्वागत करते हुए कहा कि विजय प्रताप की ईमानदारी पर अदालतों के जज साहिबान भी विश्वास करते हैं, जो उच्च पुलिस अधिकारी की नौकरी छोड़ कर लोगों की निष्पक्ष तौर पर सेवा करने के लिए 'आप' के परिवार में शामिल हुए हैं। मान ने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की ईमानदारी के साथ जांच की और दोषियों व साजिशकर्ताओं को अपनी रिपोर्ट के द्वारा अदालत के समक्ष रखा, परन्तु आपस में मिले सत्ताधारियों ने उच्च अदालत से जांच रिपोर्ट रद्द करवा दी। इस मौके पर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि वह हर किसी के भले और पंजाब की खुशहाली के लिए एक नई शुरूआत करने जा रहे हैं, जिससे पंजाब तरक्की के रास्ते पर चले। 

यदि पंजाब की धरती पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को इंसाफ नहीं मिल सका तो आम व्यक्ति के क्या हालत होंगे। पूर्व अधिकारी ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की जांच करना मेरी जिंदगी का अहम केस था, परन्तु जब दोषी ही सरकार को दिशा निर्देश दे रहे हैं तो पंजाब के लोगों को क्या इंसाफ मिलना था। उन्होंने कहा जब जांच रिपोर्ट फरीदकोट की अदालत में कार्यवाही अधीन थी, तो चंडीगढ़ से फैसले क्यों करवाए गए? हाईकोर्ट में केस की सुनवाई वाले दिन पंजाब के एडवोकेट जनरल छुट्टी पर चले गए। यह सब सत्ताधारियों और साजिशकर्ताओं की मिलीभगत के कारण ही हुआ है। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने लोगों की भलाई के लिए शानदार काम किये हैं और वह भी चाहते हैं कि पंजाब के लोग भी प्रदेश में राजनैतिक क्रांति लेकर आएं, जिस को सारा भारत देखेगा।