दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन प्रोड्यूसर सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) केंद्र सरकार के साथ कोरोना वैक्सीन-कोवीशील्ड के सप्लाई  कॉन्ट्रेक्ट पर साइन करने वाली है।  इसके मुताबिक, सरकार को एक डोज 250 रुपए उपलब्ध कराया जाएगा। 

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत में कोवीशील्ड के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है और सरकारी सूत्रोंं ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस पर कोई फैसला हो सकता है।  इमरजेंसी अप्रूवल की प्रोसेस को पहले ही तेजी दे दी गई है।  यदि सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी से देश में वैक्सिनेशन शुरू हो जाएगा। कोवीशील्ड को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने मिलकर विकसित किया है।  भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ने ही इसके फेज-2/3 के ट्रायल्स करवाए हैं। 

एसआईआई के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर अदार पूनावाला ने पहले भी कहा था कि वैक्सीन का एक डोज भारत के प्राइवेट मार्केट में 1,000 रुपए में उपलब्ध होगा।  सरकार के साथ बड़े पैमाने पर सप्लाई डील कम कीमत पर होगी।  शुरुआत से ही कहा जा रहा था कि यह वैक्सीन 3 डॉलर यानी 225 रुपए से 250 रुपए में सरकार को उपलब्ध कराई जाएगी।  पूनावाला ने यह भी कहा था कि उनका फोकस सबसे पहले भारत में वैक्सीन को सप्लाई करने पर है। 

भारत में 97 लाख से ज्यादा कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं।  अमेरिका के बाद दुनियाभर में पॉजिटिव केस के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है।  इस समय फाइजर के वैक्सीन ने भी भारत में इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है।  हालांकि, उसके वैक्सीन की कीमत 1,450 रुपए प्रति डोज के आसपास रहने की उम्मीद है।  फाइजर ने कहा है कि यदि सरकार के बड़े पैमाने पर कोई सप्लाई डील हुई तो कीमत कम भी हो सकती है।  फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। 

भारत बायोटेक ने भी मांगा है इमरजेंसी अप्रूवल

उधर, स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन को बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने भी अपनी वैक्सीन के लिए सरकार से इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है। 

इस वैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी (एनआईवी) के साथ मिलकर तैयार किया गया है।  इसकी कीमत क्या होगी, इस पर फिलहाल कोई बयान नहीं आया है।  फिर भी इस वैक्सीन का डोज भी 300-400 रुपए प्रति डोज रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।