सब्जियों और दालों को बाजार से लाकर अच्छे से धोना, भोजन की गुणवत्ता, ताजापन, सही मसालों का उपयोग जैसी चीजें इंसान की सेहत के लिए काफी मायने रखती हैं, लेकिन शुमार होती है। लेकिन भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों पर भी दिया जाना काफी आवश्यक है। बर्तआपकी भी सेहत को बिगाड़कर आपकी मेहनत खराब कर देती है। ऐसा ही कुछ तालिबान के लड़ाकों के साथ भी हुआ जो कि एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना खाते थे।

रसोई में एल्युमीनियम, तांबा, लोहा, स्टेनलेस स्टील और टेफलोन से बने बर्तनों का इस्तेमाल आम होता है। ऐसे में आपको घर के लिए बर्तन खरीदते समय उससे होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।

आजकल एल्युमीनियम से बने बर्तनों का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। पर क्या आप जानते हैं इस धातु से बने बर्तन में कुछ चीजों को पकाने की मनाही होती है। आइए जानते हैं आखिर क्या हैं वो चीजें जो एल्युमीनियम के बर्तनों में नहीं पकानी चाहिए और ऐसा करने पर सेहत को होता है क्या नुकसान।  

एल्युमीनियम के बर्तन कुकर से लेकर कड़ाहियां हल्के, मजबूत और गुड हीट कंडक्टर होते हैं। कीमत कम होने की वजह से यह ज्यादातर भारतीय रसोई का हिस्सा होते हैं। इसके अलावा ये हीट का अच्छा कंडक्टर होता है इसलिए इसमें तेज़ी से खाना बनाया जा सकता है। एल्युमीनियम अगर शरीर में ज्यादा हो जाए तो ये नुकसानदेह मेटल साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं की मानें तो एल्युमीनियम के बर्तन में चाय, टमाटर प्यूरी, सांभर और चटनी आदि बनाने से बचना चाहिए। इन बर्तनों में खाना जितनी देर तक रहेगा, उसके रसायन भोजन में उतने ही ज्यादा घुलने लगते हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल के अनुसार सेहत पर हुए एक अध्ययन में बताया गया कि, जब एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना पकाया जाता है, तो हानिकारक एजेंट आसानी से भोजन के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एल्युमीनियम बहुत जल्दी गर्म हो जाता है। जिसके बाद यह हानिकारक एजेंट शरीर के अंदर पहुंचकर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने से वो खाने से आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों को सोख लेता है। इसका मतलब अगर खाने के साथ एल्युमीनियम पेट में जाता है तो यह शरीर से आयरन और कैल्शियम सोखना शुरू कर देता है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। कुछ अल्जाइमर (याद्दाश्त की बीमारी) के मामलों में मस्तिष्क के उत्तकों में भी एल्युमीनियम के अर्क पाए गए हैं। जिससे यह तो स्पष्ट है कि एल्युमीनियम के तत्व मानसिक बीमारियों के संभावित कारण भी हो सकते हैं। शरीर में एल्युमीनियम की मात्रा अधिक हो जाए, तो टीबी और किडनी फेल तक हो सकती है। यह हमारे लिवर और नर्वस सिस्टम के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता है।

ऐसे करें एल्युमीनियम के बर्तन इस्तेमाल
-एल्युमीनियम के बर्तनों में बने खाने को बहुत देर तक उसी बर्तन में स्टोर करके ना रखें।
-बहुत ज्यादा पुराने मेटल के बर्तन जैसे कॉपर, आयरन, एल्युमीनियम का इस्तेमाल ना करें।