केन्द्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन की सूची में रखा है, इस तरह से देश में 130 क्षेत्र 'रेड जोनÓ की सूची में शामिल हो गये हैं। बंगाल के 10 जिले कोलकाता, हावड़ा, 24 परगना उत्तर, 24 परगना दक्षिण, मेदिनीपुर पश्चिम, मेदिनीपुर पूर्व, दार्जीलिंग, जलपाईगुडी, कलीमपोंग और मालदा रेड जोन की सूची में हैं।


पश्चिम बंगाल के अलावा केवल चार राज्य ऐसे हैं जिन्हें 'डबल फीगरÓ वाले रेड जोन की सूची में रखा गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के 19 क्षेत्र, महाराष्ट्र के 14, तमिलनाडु के 12 और दिल्ली के 11 क्षेत्र रेड जोन के अंतर्गत आते हैं जबकि 15 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश रेड जोन की सूची में नहीं आते। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव प्रीति सूदन ने इस बात का खुलासा लिखे गये पत्र में किया है।


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर इन जिलों को हॉटस्पॉट/रेड जोन/ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन निर्धारित किया गया है। विभिन्न मानदंडों के निर्धारण के आधार पर कोरोना वायरस संक्रमितों के आंकड़े बढऩे पर विभिन्न क्षेत्रों को नामित किया गया।



अत्यधिक तथ्यात्मक श्रेणियों के आधार पर जिलों का वर्गीकरण किया गया है जिनमें मामलों को देखते हुए, दोहरीकरण दर, परीक्षण और निगरानी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा गया है। उस जिले को ग्रीन जोन में रखा जाएगा, अगर वहां से अभी तक एक भी कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई हो और जिले में पिछले 21 दिनों से कोरोना वायरस की कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई हो।