मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना नियंत्रण में प्रदेश के जन भागीदारी मॉडल ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम, वार्ड, जनपद, शहरों और जिलों में जनता के साथ आने तथा क्राइसिस मेनेजमैंट कमेटियों द्वारा जिम्मेदारी लेकर जनता कर्फ्यू में सहयोग करने के परिणाम स्वरूप ही प्रदेश में कोरोना नियंत्रित हो पाया है।

शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय से 'मैं कोरोना वालेंटियर' अभियान के अंतर्गत पंजीकृत वालेंटियर्स तथा मध्य प्रदेश जनअभियान परिषद के कार्यकतार्ओं को वर्चअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'मैं कोरोना वालेंटियर अभियान' भी इस पूरी मुहिम का सशक्त अंग रहा। कोरोना को नियंत्रित रखने और तीसरी लहर को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर प्रदेशवासियों को इस अभियान से जोड़ना होगा। उन्होंने एनसीसी, एनएसएस केडेट्स, युवाओं और किशोरों से कोरोना वालेंटियर बनने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने सिंगरोली, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, शहडोल, सतना, ग्वालियर और भोपाल के कोरोना वालेंटियर्स से वचुर्अली बातचीत भी की। 'मैं कोरोना वालेंटियर' अभियान से अब तक 1 लाख 19 हजार 730 से अधिक व्यक्ति जुड़े हैं। इनमें से लगभग 61 हजार से अधिक वालेंटियर्स ने वैक्सीनेशन समन्वयक, चिकित्सा सुविधा समन्वयक, मास्क जागरूकता समन्वयक, मोहल्ला टोली संगठन समन्वयक और दान श्रेणी के अंतर्गत प्रतिदिन सक्रिय रहते हुए अपना योगदान दिया।

सीएम चौहान ने कोरोना वालेंटियर्स तथा जन अभियान परिषद के जिला समन्वयकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी धर्मों में पीड़ित व्यक्ति की मदद को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। कोरोना की आपदा सदियों में आया भयानक संकट है। ऐसे में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपनी जान को खतरे में डालते हुए आगे आये वालेंटियर्स के समपर्ण और कर्मठता को देखकर मैं अभिभूत हूं। कोरोना वालेंटियर्स को 15 अगस्त और 26 जनवरी को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।

चौहान ने कहा कि कोरोना नियंत्रण में है पर अभी चुनौति खत्म नहीं हुई है। कोरोना अनूकुल व्यवहार के पालन के लिए लोगों को जागरूक करना और उसका पालन सुनिश्चित कराना बड़ा दायित्व है। यह कोरोना वालेंटियर्स के बिना संभव नहीं होगा। वालेंटियर्स को अपने गांव,वार्ड की जिम्मेदारी लेनी होगी। टैस्टिंग,कांटेक्ट ट्रेसिंग, किल कोरोना अभियान लगाता चलते रहेंगे। इन गतिविधियों से ही हम तीसरी लहर को रोक पायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ' सागर की अपनी क्षमता- लेकिन मानव भी कब थकता है' की पंक्तियों से कोरोना वालेंटियर्स को निरंतर सक्रिय रहने की प्रेरणा दी ।

सीएम ने सिंगरोली की सुश्री आरती बंसल, उज्जैन के श्री रूपेश परमार, शहडोल के अंचल श्रीवास्तव, इदौर के प्रखर दुबे, जबलपुर के प्रमोद, सतना की सुश्री कीर्ति दूबे और ग्वालियर के अंशुमन शमार् से कोरोना वालेंटेयर के रूप में उनके अनुभवों के संबंध में बातचीत की।

इस कार्यक्रम में वाणिज्य कर, वित्त तथा योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा और जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय कार्यक्रम में उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट तथा पर्यटन, संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कार्यक्रम में वचुर्अली भाग लिया।