कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र (Karnataka Home Minister Araga Gyanendra) ने बुधवार को कहा कि शिवमोगा में एक हिंदू कार्यकर्ता हर्षा की हत्या (Harsha Killing) के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में कुछ और सुरागों का पता लगाने के लिए पुलिस ने उनसे पूछताछ की है। 

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गौरतलब है कि शिवमोगा (Shivamogga Murder) में रविवार की रात हिंदू कार्यकर्ता हर्षा की चाकुओं से प्रहार करके हत्या कर दी गई और जघन्य अपराध के वीडियो उसके परिवार के सदस्यों को व्हाट्सअप कर दिए गए। घटना के बाद, शहर में तनाव व्याप्त हो गया और मेगन अस्पताल में हिंदू संगठन इकट्ठे हो गए, जहां हर्षा को इलाज के लिए ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन अगले दिन अंतिम संस्कार के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। इससे हिंसा भड़क गई। इस दौरान कुछ वाहनों को आग लगा दी गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। ज्ञानेंद्र ने कहा कि शिवमोगा (Shivamogga Murder) में स्थिति शांतिपूर्ण है और शहर में कुछ दिनों के लिए पुलिस तैनात की जाएगी। उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए शिवमोगा के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि धारा 144 कुछ और दिनों तक जारी रहेगी और जिला प्रशासन शहर में आगजनी के दौरान हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या हमलावर किसी कट्टरपंथी संगठन से जुड़े हैं या नहीं। 

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मंत्री ने पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद  (Director General of Police Praveen Sood) को एक पत्र भी लिखा और उनसे आरोपियों के खिलाफ दर्ज पिछले मामलों और पुलिस जांच के दौरान चूक पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना की पृष्ठभूमि में शिवमोगा जिले के कोटे और डोड्डापेट थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि पिछले पांच वर्षों में इन दो पुलिस स्टेशनों के पुलिस अधिकारियों ने मामले में आठ गिरफ्तार लोगों की निगरानी कैसे की, जिनकी एक बड़ी आपराधिक अतीत है। ऐसे गैर-जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनके परिणामस्वरूप घटना हुई।