कई ग्रंथ ऐसे हैं और कई श्लोक ऐसे हैं जिनता आज तक भी अनुवाद नहीं हो पाया है। इसमे शामिल हैं भोलेनाथ  का शिल तांडव स्तोत्र, अनुवाद नहीं हो पाया है। लेकिन अब छत्तीसगढ़ के कोरबा की कवियत्री आशा देशमुख ने शिव तांडव का अनुवाद कर दिया है। उन्होंने रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद किया है। 

रोचक बात तो यह है कि पहली बार है जब किसी ने शिव तांडव स्त्रोत का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद किया हो। इस अनुवाद को गायिका कविता विवेक वासनिक ने अपनी आवाज देकर अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड भी कर दिया है। कविता विवेक वासनिक के साथ-साथ गायक सुनील सोनी ने भी अपने सुरों से इस स्तोत्र को प्रभावी बना दिया है। 

इस मौके पर कवियत्री आशा देशमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा में शिव तांडव स्तोत्र का अनुवाद करने से ये प्रमाणित करने की कोशिश की गई है कि छत्तीसगढ़ी भाषा कितनी समृद्ध और संपन्न भाषा है। हमारी ये भाषा संस्कृत जैसी सर्वोत्कृष्ट भाषा के श्लोकों का भावानुवाद करने में समर्थ है।

छंद का अध्ययन 

बता दें, गायिका कविता वासनिक ने इस वीडियो में अभिनय भी किया है। साथ ही गायक सुनील सोनी  इसके संगीतकार हैं। आशा देशमुख ने बताया कि छंद के छ परिवार हैं। इन्हें जानने के लिए साधना करनी पड़ती है। साधना करने वालों का छंद के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास भी होता है। गौरतलब है कि आशा देशमुख की हिंदी रचनाएं कॉलेजों के सिलेबस में भी शामिल की गई हैं।