पड़ोसी पर साथियों के साथ मिलकर सब्बल से जानलेवा वार करने के मामले में गोरखपुर थाना पुलिस ने शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाडेश्वर महावर को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।  वहीं उनके दो अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें तलाश में जुटी हुई हैं। 

जानकारी के अनुसार शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष रामपुर आजाद चौक निवासी पूर्व पार्षद ठाडेश्वर महावर, उनके साथियों रंजीत व अमित का पड़ोसी शुभम और सुरेश पारिख से मंगलवार शाम को विवाद हो गया था।  आरोप है कि ठाडेश्वर परिवार दीवार में कील ठोंक रहा था।  इसी बात को लेकर पारिख और महावर परिवार में विवाद गहरा गया। 

सीएसपी गोरखपुर आलोक शर्मा ने बताया कि ठाडेश्वर महावर और उसके दोनों साथियों ने मिलकर शुभम व सुरेश के साथ मारपीट कर दी।  आरोपियों ने फावड़ा व सब्बल से शुभम के सिर पर तीन जानलेवा वार किए।  वह मौके पर ही खून से लथपथ हालत में गिर गया, इसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले। 

वहीं ये भी बताया जा रहा है कि महावर व पारिख परिवार में पहले से जमीन का विवाद है।  इसको लेकर उनके बीच पहले भी विवाद हो चुका है।  ठाडेश्वर महावर के राजनीतिक प्रभाव के चलते पारिख परिवार की सुनवाई नहीं हो पाती थी।  इस खूनी संघर्ष की सूचना पुलिस को काफी देर बाद मिली।  परिवार के लोग शुभम को लेकर पहले एक निजी अस्पताल गए।  वहां कोविड मरीजों के चलते दूसरे निजी अस्पताल ले गए।  न्यूरो सर्जन ने बताया है कि शुभम के कपाल की हड्डी टूट गई है।  हेड इंजुरी हुई है और क्लाटिंग हुई है। अभी शुभम को होश नहीं है।  अगले 24 घंटे चिकित्सकों ने उसकी हालत काफी नाजुक बताई है। 

इस मामले में गोरखपुर पुलिस ने सुरेश पारिख की शिकायत पर देर रात शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व पार्षद ठाडेश्वर महावर, उसके भाई रंजीत व अमित के खिलाफ धारा 307, 34 भादवि का प्रकरण दर्ज किया।  इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने ठाडेश्वर महावर को देर रात एक बजे गिरफ्तार कर लिया।  ठाडेश्वर महावर की गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल में मुलाहिजा कराया गया।  आज 21 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा।  अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 

शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष ठाडेश्वर महावर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक गोरखपुर थाने पहुंच गए। वहां देर रात तक उनका हंगामा चलता रहा। समर्थकों ने आरोप लगाए कि पुलिस ठाडेश्वर महावर की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।  राजनीतिक दबाव में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।  हालांकि सीएसपी आलोक शर्मा के मुताबिक पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की है।  महावर परिवार की शिकायत को भी जांच में लिया गया है।  पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है।  चोट की प्रवृत्ति के आधार पर पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है। 

विवाद की खबर पाकर पहुंचे शुभम के मामा मनीष जैन ने बताया कि उसके भानजे की हालत नाजुक है। महावर परिवार आए दिन परिवार को धमकी देता रहता था।  इसके पूर्व भी कई बार विवाद कर चुका है। शुभम के सिर पर तीन वार किया है।  हेड इंजुरी के चलते वह बेहोशी की हालत में है।  डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा है।