पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता अनंत गीते ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि अपनी पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपने वाले नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार शिवसैनिकों के लिए गुरु नहीं हो सकते। 

उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार सिर्फ एक समझौता है।  पवार को एमवीए सरकार का वास्तुकार और धुरी माना जाता है, जो 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच संबंधों में खटास के बाद सत्ता में आई। शिवसेना और बीजेपी ने 2014 से 2019 तक सत्ता साझा की थी। 

अनंत गीते 2019 के लोकसभा चुनावों में अपने एनसीपी प्रतिद्वंद्वी सुनील तटकरे से मामूली अंतर से हार गए थे।  तटकरे की बेटी अदिति वर्तमान में एमवीए सरकार में राज्य मंत्री हैं।  अपने गृह क्षेत्र रायगढ़ में सोमवार को एक जनसभा में अनंत गीते ने कहा, शरद पवार कभी हमारे नेता नहीं हो सकते क्योंकि यह सरकार (एमवीए) केवल एक समझौता है।  लोग पवार के लिए जितनी वाहवाही करें, लेकिन हमारे गुरु केवल (दिवंगत) बालासाहेब ठाकरे हैं।  जब तक यह सरकार काम कर रही है, तब तक चलती रहेगी।  अगर हम अलग हो गए तो हमारा घर शिवसेना है और हम हमेशा अपनी पार्टी के साथ रहेंगे। 

रायगढ़ के पूर्व सांसद गीते ने कहा कि शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति उनकी कोई 'बुरी मंशा' नहीं है और वह चाहते हैं कि सरकार चले।  शिवसेना नेता ने कहा, 'पवार ने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपकर अपनी पार्टी बनाई थी।  यदि कांग्रेस और एनसीपी एक नहीं हो सकते हैं तो शिवसेना भी पूरी तरह से कांग्रेस की नीति पर नहीं चल सकती।  कांग्रेस और एनसीपी के रिश्ते हमेशा से सौहार्दपूर्ण नहीं थे.'