खासी छात्र संघ( केएसयू) के शिक्षा कोष ने स्वास्थ्य सेवा निदेशालय से मेघना दास के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। संगठन के अनुसार राज्य की निवासी नही होने के बावजूद मेघना का नाम निदेशालय की ओर से पिछले दिनों जारी एमबीबीएस एवं बीडीएस सीटों की सूची में बतौर अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल था। 

संगठन ने आरोप लगाया है कि मेघना ने खुद को मेघालय की निवासी होने का दावा किया है, जबकि उसके पिता दिल्ली स्थित मेघालय हाउस के अवकाश प्राप्त कर्मचारी हैं। केएसयू ने इस मामलें में पर्याप्त छानबीन की मांग भी की है। 

दूसरी ओर एफकेजेजीपी ने डीएचएस निदेशक आरओ बुदनाह से उसका नाम राज्य कोटा सूची से हटाने की मांग की थी। इस पर बुदनाह ने कहा था कि यह सूची अंतिम सूचि नही है।