देशद्रोह एवं साम्रदायिक तनाव फैलाने समेत कई गंभीर आरोपों के बाद से भूमिगत हो गये जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली के छात्र शरजील इमाम को दिल्ली पुलिस ने आज बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि शरजील की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने काको स्थित उसके पैतृक आवास पर सोमवार की रात छापेमारी की, लेकिन वह वहां नहीं मिला तो पुलिस ने उसके भाई मुजम्मिल और उसके एक दोस्त को हिरासत में ले लिया । पुलिस ने जब उनसे सख्ती से पूछताछ की तब शरजील के संबंध में उन्हें अहम सुराग मिल गया और आज उसे गिरफ्तार कर लिया गया । 

गौरतलब है कि असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से अलग कर देने की बात कहकर चर्चा में आए जेएनयू छात्र शरजील इमाम को पुलिस बिहार समेत छह राज्यों में तलाश कर रही थी।  उस पर छह राज्यों में देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है।  उसकी तलाश में सोमवार देर शाम भी उसके जहानाबाद स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की गई लेकिन वह नहीं मिला।पुलिस उसके भाई और एक दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उसके पिता अकबर इमाम के राजनीतिक कनेक्शन भी हैं। वह जहानाबाद से जदयू के टिकट पर चुनाव भी लड़े लेकिन हार गए। 

शरजील के चाचा अरशद इमाम का कहना है कि उसके भतीजे को साजिश के तहत फंसाया गया है। शरजील की तलाश में जहानाबाद के काको स्थित मल्लिक टोले में छापेमारी के बाद अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी। उसके नेपाल भाग कर पनाह लेने की आशंका थी। ऐसे में भारत-नेपाल की बिहार सीमा पर अलर्ट जारी किया गया। पटना में भी कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। वह पटना में भी सीएए के खिलाफ चले धरने और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ। उसका आखिरी लोकेशन पटना ही मिली थी। सब्जी बाग के लंगर टोली स्थित फखरुद्दीन प्लाजा में उसके पिता का एक फ्लैट भी है। शरजील फ्लाइट से पिछले दिनों पटना पहुंचा और रात में रुका भी। उसने एक ही दिन में कई ठिकाने बदले। 

उस पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम,मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में देशद्रोह के मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी राज्यों की पुलिस तथा मुंबई क्राइम ब्रांच की पुलिस उसकी सघन तलाश कर रही थी। जहानाबाद में छापेमारी के बाद उसके चचेरे भाई, एक पंक्चर मिस्त्री और एक अन्य युवक से सघन पूछताछ की गई। असम का पूरे भारत से संपर्क भंग करने का ख्वाब देखने वाला शरजील वास्तव में एक आईआईटीयन है। वह शुरु से ही पढ़ाई में तेज रहा है। दिल्ली के वसंतकुंज स्थित डीपीएस से 2006 में इंटर करने के पश्चात उसने आईआईटी में दाखिला लिया। उसने पूरे भारत में 227वां रैंक प्राप्त की थी। 

आईआईटी मुंबई से कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाला शरजील अभी एमटेक करने के बाद उसने वहीं शिक्षण कार्य में सहयोग करना शुरू किया। उसने एक सॉफ्टवेयर कंपनी में भी काम किया। फिलहाल वह जेएनयू में आधुनिक इतिहास विभाग में पीएचडी कर रहा है। उसके पिता अकबर इमाम 2005 में जदयू के टिकट पर जहानाबाद से विधानसभा का चुनाव लड़े और हार चुके हैं। 2014 में उनकी अचानक मौत हो गई। शरजील की मां अफशां करीम कहती हैं कि उसका बेटा कभी देश तोडऩे की बात कर ही नहीं सकता।