पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन इसे एक कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आर्म्ड फोर्सेस किसी भी धमकी का जवाब में देने में पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं। जियो टीवी ने प्रधानमंत्री शरीफ के बयान के हवाले से कहा, संघर्ष के बजाय सहयोग और संदेह के बजाय साझा समृद्धि हमारी नीति की पहचान है। शरीफ रिसालपुर में असगर खान पाकिस्तान वायु सेना अकादमी में कैडेट को संबोधित कर रहे थे।

शरीफ ने कहा कि पड़ोसी देशों से दोस्ताना संबंध बनाए रखना पाकिस्तान की नीति है लेकिन इस कमजोरी समझने की गलती नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, हम अपनी संप्रभुता का बचाव और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने से अनजान नहीं रह सकते। शरीफ की यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को जासूसी करने और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेडऩे के आरोप में मौत की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद आई है। भारत ने चेतावनी दी है कि यदि जाधव को फांसी दी गई तो द्विपक्षीय संबंधों पर इसका असर पड़ेगा।

सुषमा ने दी चेतावनी

पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो पड़ोसी देश को द्विपक्षीय सम्बन्धों पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर अलग -थलग पड़ा पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान बंटाने के लिए उल्टे भारत को बदनाम करने की कोशिश के तहत इसतरह के काम कर रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि पूरे सदन ने वेदना, आक्रोश और चिंता के साथ इस मुद्दे को उठाया है। सरकार सदस्यों की चिंता से सहमत है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जाधव को बचाने के लिए जो भी करना होगा किया जाएगा। वह न सिर्फ अपने माता -पिता का बेटा है बल्कि देश का बेटा है। उनके परिजनों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया जाधव ईरान में व्यवसाय करते थे। उन्हें अपहरण करके पाकिस्तान ले जाया गया। भारतीय मिशन के अधिकारियों को उनसे मिलने देने के लिए पाकिस्तान से 13 बार अनुरोध किया गया, लेकिन एक बार भी इसकी अनुमति नहीं दी गयी। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह उल्लंघन है।

जाधव की सजा के नतीजे का सामना करने के लिए तैयार रहें: पाक मीडिया

उधर, पाकिस्तान का मीडिया भी खुद इस बात को मान रहा है कि अगर जाधव को फांसी दी जाती है तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि इस मामले के चलते भारत के साथ संबंधों में तनाव बढ़ेगा और अंतरराष्ट्री स्तर पर भी इसे लेकर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। कुछ पाकिस्तानी पत्रकारों ने जाधव के खिलाफ जुटाए गए सबूतों का सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है। अखबार द नेशन ने अपने पहले पन्ने पर दी गई खबर में लिखा, सोमवार को एक सैन्य अदालत ने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को और बढ़ाते हुए हाई प्रोफाइल भारतीय जासूस को मौत की सजा सुनाई। अखबार ने राजनीतिक और रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हसन अस्करी के हवाले से लिखा है कि जाधव को फांसी देने का फैसला दोनों देशों के बीच तनाव में और इजाफा करेगा। अस्करी ने कहा, सेना ने सख्त सजा दी है जो पाकिस्तानी कानून के मुताबिक है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि पाकिस्तान इसके राजनीतिक और कूटनीतिक दुष्प्रभावों को झेल सकता है या नहीं।