आज से नवरात्रि शुरू हो चुके हैं और Ghatasthapana का पहला दिन है। आज से अगले 9 दिनों तक माता रानी की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा होगी। नवरात्रि के पहले दिन यानी आज कलश स्थापना के लिए सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक सबसे शुभ मुहूर्त था, लेकिन अगर आप ये मुहूर्त चूक गए हैं तो भी परेशान होने की कोई जरूरत नहीं। क्योंकि अभिजीत मुहूर्त (Abhijit muhurat) में भी आप कलश स्थापना कर सकते हैं।


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shardiya navratri में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त (Navratri Kalash Sthapana shubh muhurat) सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक था। लेकिन इसके बाद अब एक और शुभ मुहूर्त है। आप दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। आज अभिजीत मुहूर्त का समय 11:44 से 12:31 तक रहेगा। इस मुहूर्त में की गई घट स्थापना भी शुभकारी और मंगलकारी रहेगी।

कलश स्थापना की विधि  (Kalash Sthapana Vidhi) की बात की जाए तो कलश स्थापना के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। उत्तर-पूर्व दिशा को साफ कर माता की चौकी लगाएं। इस पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर देवी मां की मूर्ति की स्थापना करें। इसके बाद प्रथम पूज्य गणेश जी का ध्यान करें और कलश स्थापना करें। एक नारियल में चुनरी लपेट दें और कलश के मुख पर मौली बांधे। कलश में जल भरकर उसमें एक लौंग का जोड़ा, सुपारी हल्दी की गांठ, दूर्वा और रुपए का सिक्का डालें। अब कलश में आम के पत्ते लगाकर उस पर नारियल रखें और फिर इस कलश को दुर्गा की प्रतिमा की दायीं ओर स्थापित करें। कलश स्थापना पूर्ण होने के बाद देवी का आह्वान करें।