केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर एक नया नारा उछाला है। उसका नया नारा है- सच्चे दिए आएंगे, जुमले वाले जाएंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस के प्रवक्ता, गुजरात के पूर्व मंत्री और बिहार के प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषण शैली की नकल कर अप्रत्यक्ष मखौल उड़ाया। भाजपा और मोदी की मानसिकता दलित और पिछड़ा विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कभी दलितों के घर नहीं गए। 

केंद्र की मोदी सरकार को जुमलेबाजों की सरकार निरुपित करते हुए गोहिल ने प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को सभी मोर्चों पर विफल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और इसके नेता केवल दो मामलों में आगे रहे हैं। एक झूठ बोलने और दूसरा जुमले देने में। न तो इनकी नीयत साफ और न नीतियां। एआईसीसी प्रवक्ता ने पत्रकारों के सामने विश्वासघात, चार साल में सिर्फ बात ही बात नामक पुस्तिका का विमोचन करते हुए इस दौरान प्रधानमंत्री व भाजपा नेताओं के वादों का आंकड़ों की जुबानी बयान दिया। मोदी को किसान विरोध बताते हुए कहा कि इन चार साल में खेतों में निराशा छाई है और अन्नदाता व खेती बाड़ी की उपेक्षा हुई है। सवाल उठाया है कि भाजपा शासनकाल में गांवों में निराशा लगातार क्यों छाई हुई है। किसानों की लागत के 50 फीसदी मुनाफे की बात हो या उनके जानलेवा कर्ज के बोझ की, कृषि निर्यात गिरने की बात हो या नोटबंदी के कारण लाखों की संख्या में नौकरियां जाने की, शिक्षा की बदहाली की बात हो या भ्रष्टाचार के खिलाफ लडऩे में कथित छल की, बैंकों पर खतरे से लेकर राफेल डील में कथित घोटाले की बात हो या कुछ खास लोगों को फायदा ही फायदा सहित कई बातों को सामने रखा। दावा किया ये तमाम आंकड़े कांग्रेस के अपने बल्कि स्रोतों पर आधारित हैं। 

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि असम के मामलों में भी भाजपा सरकार के तमाम वादे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंनें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के राजमार्गों की हालत बेहतर करने के दावे को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि गडकरी एक बार और असम के राजमार्गों का मौका मुआयना कर लें, खुद शरमा जाएंगे। भाजपा को झूठ कहने वाली और जुमला पार्टी कहा।