बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान, ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार एआर रहमान और गीतकार गुलजार 28 नवंबर को विश्व कप हॉकी के उद्घाटन समारोह में आकर्षण का केंद्र होंगे। उद्घाटन समारोह में ओडिशा की संस्कृति की बानगी भी देखने को मिलेगी। हॉकी के नये गढ़ बने भुवनेश्वर में चैम्पियंस ट्रॉफी (2014) , एफआईएच वर्ल्‍ड लीग फाइनल्स (2017) के बाद अब 28 नवंबर से 16 दिसंबर तक वर्ल्‍डकप का आयोजन किया जाएगा जिसमें दुनिया की 16 टीमें भाग ले रही हैं।


ओडिशा सरकार के खेल और पर्यटन विभाग के सचिव विशाल देव ने बताया,‘उद्घाटन समारोह में शाहरुख खान नाच गाना नहीं बल्कि दुनिया को ओडिशा से रूबरू कराके यहां सभी का स्वागत करेंगे। गुलजार और एआर रहमान भी समारोह का आकर्षण होंगे जिन्होंने वर्ल्‍डकप का थीम गीत बनाया है। इनके अलावा एक और बड़े कलाकार से बात हो रही है।’


देव ने यह भी बताया कि ओडिशा ने अपनी गरीब और पिछड़े राज्य की छवि को तोड़कर कई बड़े खेल टूर्नामेंटों का सफल आयोजन किया है और वर्ल्‍डकप से पहले बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाकर नए सिरे से संवारा जाएगा । उन्होंने कहा,‘वर्ल्‍डकप से पहले कला और साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जायेगा जिसमें दुनिया के मशहूर गायक, नर्तक और किस्सागो भाग लेंगे।


इसके अलावा शहर में 250 नई बसें चलाई जायेंगी जिनमें होहो बसें शामिल हैं। फूड पार्क, हॉकी अड्डा बनेंगे और भुवनेश्वर के आसपास तमाम पर्यटन स्थलों जैसे पुरी, कोणार्क का बुनियादी ढांचा बेहतर किया जा रहा है।’


वर्ल्‍डकप के सारे मैच कलिंगा स्टेडियम पर खेले जाएंगे जिसे नए सिरे से तैयार किया गया है। देव ने बताया,‘स्टेडियम को नये सिरे से तैयार करने में करीब 82 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं। दो नई उत्तर और दक्षिण दीर्घायें बनाई गई हैं। दो नए गेट बनाये गए हैं ताकि दर्शकों को प्रवेश में दिक्कत ना हो। स्टेडियम की क्षमता 7,500 से बढाकर 15, 000 कर दी गई है। रिहायशी सुविधा बेहतर की गई है और एक नवंबर से टीम का शिविर यहीं लगेगा।’

भावी योजनाओं के बारे में उन्‍होंने बताया कि भुवनेश्वर में हॉकी के अलावा एथलेटिक्स और बैडमिंटन की अत्याधुनिक अकादमियां स्थापित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसके लिये अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। भुवनेश्वर में पिछले साल एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का भी सफल आयोजन किया गया था।


पहले यह चैम्पियनशिप रांची में होनी थी लेकिन उसके हाथ खींचने के बाद 90 दिन के भीतर भुवनेश्वर ने मेजबानी की तैयारी की थी। उन्होंने कहा,‘बैडमिंटन अकादमी का संचालन पुलेला गोपीचंद करेंगे जबकि एथलेटिक्स अकादमी अगले दो महीने में शुरू हो जाएगी। इन अकादमियों में देशभर से बच्चों का चयन किया जाएगा। इन्हें मशहूर कोचों, फिजियों, आहार विशेषज्ञों की सेवायें मिलेग। इसके अलावा प्रतिभा तलाश कार्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।’ बता दें कि भारतीय हॉकी टीम में पूर्वोत्तर राज्यों के भी कई खिलाड़ी शामिल हैं।