पूरे देश में बलात्कार की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती है। पूर्वोत्तर के राज्य भी इसमें पीछे नहीं हैं। यहां भी आए दिन बलात्कार की घटनाएं होती रहती है। लेकिन यहां के लोग आरोपी को खुद सजा देने को उतारू रहते हैं।

इन घटनाओं को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि उनकी यह मानसिकता है कि बलात्कार के आरोपी को जान से मार देना चाहिए। पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसी घटना एक-दो नहीं कई बार देखी गई है कि लोगों की भीड़ ने बलात्कार के आरोपी को जान से मार दिया है।


आरोपी को जिंदा जलाया
पिछले महीने ही पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में ऐसी रोंगटे खड़ी करने वाली घटना देखने को मिली थी, तेजू कस्बे में 5 साल की मासूम बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी तथा उसके साथी को कथित रूप से भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में आरोपी संजय सोबोर और जगदीश लोहार के थाने में होने की बात जैसे ही इलाके में फैली, थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान गुस्साई भीड़ थाने में घुस गई। थाने में घुसकर भीड़ तोड़फोड़ कर दोनों आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर अपने साथ ले गई। आरोपियों की पिटाई करने के बाद भीड़ ने उन्हें जिंदा जला दिया था।


1500 लोगों ने सेंट्रल जेल को तोड़कर आरोपी को दी सजा
मार्च 2015 में नगालैंड के दीमापुर में बलात्कार के आरोपी को जेल से निकालकर भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस घटना में 1500 लोगों ने दीमापुर सेंट्रल जेल को तोड़कर आरोपी को बाहर निकाला था। भीड़ ने पीट-पीट कर आरोपी की हत्या कर दी और फिर उसे चौराहे पर फांसी पर लटका दिया था।


चाय बगान में बलात्कारी को पीट-पीट कर मार डाला
साल 2014 के अगस्त में असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक महिला के साथ कथित बलात्कार और इसके बाद उसकी हत्या करने के दो आरोपियों को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना डिब्रूगढ़ जिले के छाबुआ इलाके के एक चाय बगान में हुई थी।
महिला के लापता हो जाने के बाद उसके घरवालों और पड़ोसियों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसे खोज नहीं पाए। लोगों के अनुसार इस घटना में पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की थी। महिला का शव बरामद होने के बाद परिवार ने इलाके के दो लोगों पर महिला के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या का अंदेशा जताया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने दोनों को तलाशना शुरू कर दिया और उन्हें बगान में पीट-पीटकर मार डाला था।


नाबालिग के साथ रेप का वीडियों बनाने वाले को मिली मौत
जुलाई 2017 में मेघालय में पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के एक गांव में बलात्कार के आरोपी एक व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। वह मकान मालिक की नाबालिग पुत्री का यौन शोषण कर रहा था। भीड़ की पिटाई से गंभीर रूप से घायल नोंगकिनरिह की स्थानीय अस्पताल में मौत हो गई थी। आरोपी ने केवल नाबालिग लड़की का यौन शोषण कर रहा था बल्कि उसने अपने कुकृत्यों की वीडियो क्लिप भी अपने मोबाइल फोन में सेव कर ली थी। पीड़ित लड़की के भाई ने नोंगकिनरिह के मोबाइल फोन में ये क्लिप देख लीं, इसके बाद उसके पिता और स्थानीय लोगों ने उसे घर से निकाल दिया और उसकी पिटाई कर दी।