केंद्र सरकार ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए जिससे दिल्ली एनसीआर समेत नॉर्थ ईस्ट के लोगों को फायदा होगा। कैबिनेट की बैठक में कई योजनाओं के हरी झंडी दी गई। इन योजनाओं में सबसे अहम दिल्ली मेट्रो की दिलशाद गार्डन-गाजियाबाद न्यू बस अड्डा लाइन है। इस लाइन के चालू होने से दिल्ली से सटे गाजियाबाद के पुराने इलाकों समेत नए इलाके राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा।


इस बैठक में संविधान के अनुच्छेद 280 और छठी सूची में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इससे नॉर्थ ईस्ट के राज्यों असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के स्वायत्त जिलों को और शक्ति मिलेगी, साथ ही उनको ज्यादा वित्तीय मदद भी दी जा सकेगी। असम, मिजोरम और त्रिपुरा की छठी सूची के अंतर्गत वहां के गांवों और निगमों में महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित हैं।


कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। एक सरकारी बयान के मुताबिक दिलशाद गार्डन-गाजियाबाद बस अड्डा लाइन की पूरी लंबाई 9.41 किमी होगी। बयान में कहा गया है कि 'केंद्रीय कैबिनेट ने आज (बुधवार) दिल्ली मेट्रो के दिलशाद गार्डन-न्यू बस अड्डा कॉरिडोर को मंजूरी दी।' 1,781.21 करोड़ रुपए की इस विस्तारित योजना में केंद्र सरकार ने 324.87 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता को भी मंजूरी प्रदान की।


संविधान संशोधन को हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र सरकार का वित्त आयोग नॉर्थ ईस्ट के इन राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने और स्वायत्त जिला परिषद, गांवों और निगमों को सशक्त बनाने के उपायों की सिफारिश कर सकेगा। इस कदम को गेमचेंजर माना जा रहा है क्योंकि यह संशोधन होते ही इन राज्यों में फंड की मात्रा बढ़ेगी और आदिवासी इलाकों के विकाय कार्यों में तेजी आएगी।


यह संविधान संशोधन असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में प्रादेशिक वित्त आयोग के गठन को मंजूरी देता है। इन चारों राज्यों को 30 अतिरिक्त शक्तियां मिल जाएंगी जिनमें पीडब्लूडी, वन, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कार्बी आंगलोंग ऑटोनोमस टेरिटोरियल काउंसिल (केएएटीसी) के लिए शहरी विकास और फूड-सिविल सप्लाई जैसे काम शामिल हैं। इस संशोधन से गांवों में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी। अब गांव की समितियां अपने स्तर पर फैसले ले सकेंगी। खेती, भूमि सुधार, लघु सिंचाई, जल प्रबंधन, पशुपालन, ग्राणीण बिजलीकरण, लघु उद्योग और सामाजिक वनीकरण जैसे काम गांव की समितियां अपने स्तर पर करा सकेंगी।


असम, मिजोरम और त्रिपुरा के ऑटोनोमस काउंसिल, गांवों और निगमों में चुनाव आयोग चुनाव कराएगा। फिलहाल मेघालय को इस संशोधन से बाहर रखा गया है।  इससे पहले 16 जनवरी को केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) में 6,000 करोड़ रुपए की पूंजी डालने को मंजूरी दे दी थी। इससे निर्यात के लिए एक्जिम बैंक को वित्तीय सहायता देने की क्षमता बढ़ेगी। यह फैसला लेने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'एक्जिम बैंक में मार्च से पहले 4,500 करोड़ रुपए डाले जाएंगे और 1,500 करोड़ रुपए अगले वित्त वर्ष में डाले जाएंगे।'


गोयल के मुताबिक कैबिनेट ने एक्जिम बैंक की पूंजी को 10,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया है। एक्जिम बैंक में नई पूंजी डालने के लिए भारत सरकार 6,000 करोड़ रुपए के बांड जारी करेगी। गोयल ने कहा, एक्जिम बैंक में पूंजी लगाने से बैंक की पूंजी तो बढ़ेगी ही, बैंक आगे भी अन्य संस्थानों को वित्तीय सहायता देने में ज्यादा सक्षम बनेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के कपड़ा उद्योग में निर्यात की बहुत बड़ी संभावना है और इस कदम से सरकार एक्जिम बैंक को अच्छा-खासा कर्ज मिलेगा। इससे बैंक कपड़ा निर्यातकों को बेहतर मदद कर सकेगा।