नोटबंदी के बाद आग नए नोटों अगर डैमेज हो जाते हैं, तो उन्हें बदलने में बैंक आना-कानी करते हैं। दरअसल बैंक की ओर से दलील दी जाती थी कि आरबीआई की ओर से ऐसा करने की इजाजत नहीं दी गई है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिनियम की नोट वापसी की नियमावली 2009 में संशोधन किया गया है। इससे 200, 500 और 2000 के नए नोटों की वापसी का रास्ता निकल सका। इन नए नोटों को RBI के सेक्शन 28 के तहत बदला जा सकता है। 

 

आरबीआई ने इस मामले में वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर नियमों को अपडेट करने की बात कही थी। आरबीआई को इस मामले में वित्त मंत्रालय का क्लीयरेंस मिल गया है। ऐसे में अब आरबीआई की ओर से नई गाइडलाइन तय की गई। ऐसे में अब महात्मा गांधी सीरीज के नए नोटों को बदला जा सकता है। आरबीआई के नए नियमो के मुताबिक नोट के डैमेज एरिया के हिसाब से एक्सचेंज रेट तय होगा। 

 

अगर 200 रुपए नोट के वास्तविक आकार (96.36 स्क्वॉयर सेंटीमीटर) एरिया का 88 फीसदी यानी 78 स्क्वायर सेंटीमीटर हिस्सा देना होता है, तो नोट का पूरा रिफंड मिलेगा, जबकि आधा रिफंड पाने के लिए नोट न्यूनतम 39 स्क्वॉयर सेंटीमीटर एरिया देना होता है। 500 रुपए के नए नोट के वास्तिवक आकार 99 स्क्वॉयर सेंटीमीटर एरिया का न्यूनतम 80 स्क्वॉयर सेंटीमीटर एरिया देने पर पूरा रिफंड मिलेगा, जबकि 44 स्क्वॉयर सेंटीमीटर एरिया ठीक होने उपलब्ध कराने पर आधा रिफंड मिलेगा।  

 

2000 के नए नोट के कुल 109 स्क्वॉयर सेंटीमीटर एरिया में से 88 स्क्वॉयर सेंटीमीटर देने पर पूरा रिफंड मिलेगा, जबकि 44 स्कवॉयर सेंटीमीटर देने पर आधा रिफंड मिलेगा। 100 रुपए के नए नोट का पूरा रिफंड तब मिलेगा, जबिक नोट का 92 स्क्वायर सेंटीमीटर का एरिया दिया जाएगा। वहीं न्यूनतम 46 स्क्वायर सेंटीमीटर का एरिया देने पर आधा रिफंड मिलेगा। 50 के नए नोट का पूरा रिफंड उस हालात में मिलेगा, जब नोट का न्यूनतम 72 स्क्वायर सेंटीमीटरउपलब्होध कराया जाएगा,जबकि आधा रिफंड 36 स्कवॉयर सेंटीमीटर का एरिया उपलब्ध कराने पर मिलेगा।