मणिपुर में बाढ़ से अब तक सात लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं, जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा लोग अब तक बेघर हो चुके हैं। बाढ़ से एक हजार से ज्यादा घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।


रिपोर्टों के मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 12,500 घर पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं और फसलें क्षतिग्रस्त हो गयी है। प्रशासन की ओर से 101 राहत शिविर खोले हैं जहां करीब 25,000 हजार लोगों को ठहराया गया है।


स्वयंसेवियों और सुरक्षा कर्मियों ने लगभग 6,000 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। बचावकार्य में सेना और पुलिस की मदद ली जा रही है। स्थानीय क्लब और स्वयंसेवी संगठन भी स्थानीय लोगों को निशुल्क भोजन-पानी वितरित करने के काम कर रहे हैं।





मौसम विभाग के मुताबिक 13 जून से अब तक राज्य में 64.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी है। जल संसाधन मंत्री, लेटपाओ हॉकीप ने बताया कि सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 3.2 करोड़ रुपये की तत्काल राहत सहायता जारी की है।


बाढ़ से लगभग 150 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। सरकार ने बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले मृतकों के प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की है।


विभिन्न सरकारी विभाग सभी उपलब्ध संसाधनों के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह लगातार बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।