मेघालय में अलग खासी और जयंतिया राज्य की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हिल्स स्टेट पीपुल्स डेमोक्ररेटिक पार्टी की ओर से इस मांग को आगे बढ़ाया गया है। एचएसपीडीपी द्वारा पार्टी के संस्थापक स्व. होपिंगस्टोन लिंग्दोह के सपने को पूरा करने का संकल्प लिया गया। यह भी बताया गया है कि दो प्रमुख एजेंडे के ऊपर भी ध्यान आकर्षित किया जाएगा। एजेंडे में असम के साथ अंतर्राज्य सीमा विवाद को हल करने की दिशा में कदम बढ़ाने के साथ ही यूरेनियम खनन के विरोध को जारी रखने का मुद्दा शामिल है। 

उल्लेखनीय है कि पार्टी के अध्यक्ष केपी पांगगियांग ने अपने नए कार्यालय के उद्घाटन तथा पार्टी के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान उपरोक्त बाते कहीं है। उनका कहना था कि उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 के अनुसार खासी और जयंतिया राज्य की मांग  की है। 

उन्होंने कहा कि मेघालय को अपना राज्य प्राप्त किए हुए 46 साल हो गए हैं।  यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम के साथ लंबित सीमा विवाद का समाधान अभी तक हल नहीं हुआ है। एचएसपीडीपी के अध्यक्ष ने कहा कि वे असम के साथ लंबित सीमा विवाद को हल करने की मांग करेंगे। वे असम के साथ सीमा विवाद को हल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

पांगगियांग ने कहा कि उनकी पार्टी यूरेनियम खनन मुद्दे का विरोध करना जारी रखेगी। पार्टी अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर भी आवाज बुलंद कर रही है। सरकार से इस समस्या से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रभावी तंत्र की स्थापना की मांग करती आ रही है। उनका यात्री ट्रेन को लेकर भी विरोध जारी रहेगा जब तक राज्य सरकार बाहरी लोगों के पहचान हेतु एक ठोस तंत्र स्थापित नहीं कर लेती। इनर लाइन परमिट की आवश्यकता पर उन्होंने कहा कि असम के तर्ज पर मेघालय में एनआरसी जरुरी है। संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी भाषा को शामिल करने के मुद्दे को अहम बताया।