झारखंड के दुमका जिले में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की एक अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को 15 वर्ष कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 

पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) तोफीकुल हसन की अदालत ने जिले में सरैयाहाट थाना क्षेत्र के तितमो गांव निवासी पिंटू साह को पॉक्सो अधिनियम की धारा चार के तहत यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन साल कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। 

मामला सरैयाहाट थाना क्षेत्र के तितमो गांव में 03 अक्टूबर 2017 का है। पीडि़ता के बयान के आधार पर दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता घटना के दिन सुबह छह बजे डंगाल की ओर जब शौच के लिए गई थी तभी गांव के ही पिंटू साह ने उसे जबरजस्ती झाड़ी की ओर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। 

जब पीड़िता ने शोर मचाया तो उसकी मां आई तो पिंटू ने मामला दर्ज नहीं कराने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता ने घर जाकर सारी बात अपने पिता को बताई। पिता ने पंचायत बुलाई, जिसमें दोषी ने माफी मांग कर शादी करने की बात स्वीकार की, लेकिन बाद में उसने विवाह करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद न्यायालय में 21 नवंबर 2017 को धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 12 गवाहों के बयान कलमबंद कराए गए।

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