विदेशी बाजारों के 1.23 प्रतिशत तक टूटने के दबाव के साथ ही स्थानीय स्तर पर जबरदस्त मुनाफावसली और महीने के अंत में वायदा एवं विकल्प सौदे का निपटान होने से आज शेयर बाजार (Share Market) डेढ़ माह के निचले स्तर तक लुढक़ गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (sensex) 1158.63 अंक का गोता लगाकर लगभग डेढ़ माह के निचले स्तर 60 हजार अंक के नीचे 59,984.7016 अंक (Sensex Slumps) पर आ गया।

इससे पहले 16 सितंबर को यह पहली बार 59 हजार अंक के पार 59141.16 अंक पर पहुंचा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) (एनएसई) का निफ्टी 353.70 अंक टूटकर 18 हजार अंक के नीचे 17,857.25 अंक पर रहा। विश्लेषकों ने कहा कि पिछले कई सप्ताह से शेयर बाजार (Share Market) में ऊंचे भाव पर पांच से सात फीसदी तक का करेक्शन होने की आशंका जताई जा रही थी। इसी कड़ी में आज बाजार लगभग दो प्रतिशत तक लुढक़ गया। हालांकि महीने के अंतिम गुरुवार को वायदा एवं विकल्प सौदे का निपटान होने का असर भी बाजार पर देखा जा रहा है। 

साथ ही विदेशी बाजारों की गिरावट का दबाव भी बाजार पर बना है। दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी मुनाफावसूली हुई। इस दौरान बीएसई (BSE) का मिडकैप 354.27 अंक गिरकर 25,236.28 अंक और स्मॉलकैप 444.48 अंक टूटकर 28,089.97 अंक पर रहा। बीएसई (BSE) में कुल 3405 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 2295 लुढक़ गये जबकि 985 में तेजी रही वहीं 125 के भाव स्थिर रहे। इसी तरह एनएसई में 44 कंपनियों के शेयर भाव गिर गये जबकि केवल छह चढऩे में कामयाब रहे। बीएसई में कैपिटल गुड्स की 0.02 प्रतिशत की बढ़त को छोडकऱ शेष सभी समूह मुनाफावसूली का शिकार हुए। 

इस दौरान रियल्टी ने सबसे अधिक 3.75 प्रतिशत का नुकसान उठाया। इसी तरह बैंकिंग 3.36, टेक 1.68, पावर 2.80, तेल एवं गैस 2.58, धातु 2.51, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.19, ऑटो 1.03, यूटिलिटीज 2.68, दूरसंचार 2.07, आईटी 1.56, इंडस्ट्रियल्स 1.73, हेल्थकेयर 1.62, वित्त 2.50, एफएमसीजी 1.90, ऊर्जा 1.72, बेसिक मैटेरियल्स 1.59 और सीडीजीएस के शेयर 1.02 प्रतिशत उतर गये। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का रुख रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.22 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.04 प्रतिशत, जापान का निक्केई 0.96 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसैंग 0.28 और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.23 प्रतिशत कमजोर रहा।