रेलवे ने कई तरह की मिलने वाली छूट को खत्म करने का फैसला लिया है। रेलवे की घटती कमाई को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि कोरोना के चलते 2020 में रोकी गई रियायतों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा। रेलवे पहले बुजुर्गों को ट्रेन टिकट में छूट देता था, जिसे हटा दिया गया है। 

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पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों और 58 वर्ष से अधिक की महिलाओं को किराए में 50 फीसदी की रियायत दी जाती थी। इसे विभाग ने खत्म कर दिया है। हालांकि दिव्यांगों, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों, छात्रों समेत तीन श्रेणियों को पहले की तरह रियायतें जारी रहेंगी। 

कोरोना के पहले राजधानी और शताब्दी समेत सभी ट्रेनों में सीनियर सिटीजन को टिकटों पर 50 फीसदी तक की छूट मिलती थी। 60 से अधिक उम्र के पुरुषों और 58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रेलवे में सीनियर सिटीजन की श्रेणी में रखा जाता है। 

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रेलवे के मुताबिक अब केवल दिव्यांगजनों, मरीजों और छात्रों की 11 कोटियों को ही रियायत मिलेगी। बाकी कैटगरी के लोग भी रेल टिकट पर छूट बहाल करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें फिलहाल राहत देने से इन्कार किया है।

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परफॉर्मेंस के लिए जा रहे कलाकारों और फिल्म से जुड़े टेक्नीशियन को 50-75% की छूट मिलती थी। स्टेट या नेशनल लेवल के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों को भी 50 से 75% की छूट मिलती थी। केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मीडिया से जुड़े काम के लिए यात्रा करने पर किराये में 50% की छूट मिलती थी। पत्रकार साल में दो बार पत्नी और बच्चे के साथ भी रियायत के साथ यात्रा कर सकते थे।