अमेरिकी सीनेट ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी जाहिद कुरैशी की न्यू जर्सी के जिला अदालत में ऐतिहासिक नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसके साथ ही जाहिद कुरैशी देश के इतिहास में पहला मुस्लिम फेडरल जज बनने का रास्ता साफ हो गया। गुरुवार को हुए मतदान में 46 वर्षीय जाहिद के पक्ष में 81 मतदान पड़े जबकि विरोध में 16। वर्तमान में कुरैशी डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यू जर्सी के मजिस्ट्रेट जज पद पर तैनात हैं, लेकिन न्यू जर्सी के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज के तौर पर उनके शपथ ग्रहण के साथ एक नया इतिहास बन जाएगा।

2019 में, कुरैशी डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यू जर्सी के मजिस्ट्रेट जज बननेवाले पहले एशियाई अमेरिकी बने थे। सीनेटर रॉबर्ट मेनेडेज ने मतदान से पहले एक भाषण में कहा, "जज कुरैशी ने अपना कैरियर हमारे देश की सेवा में समर्पित किया है, हमें उनकी कहानी से सीख लेनी चाहिए क्योंकि ये ऐसी कहानी है जो सिर्फ अमेरिका में संभव है।"

जाहिद कुरैशी का जन्म पाकिस्तानी अप्रवासी परिवार में न्यूयॉर्क सिटी में हुआ था। उनकी भर्ती अमेरिकी सेना में 9/11 हमले के बाद हुई और उन्होंने दो बार इराक की यात्रा की। 2019 में डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यू जर्सी के पहली बार एशियाई-अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज बनने पर उसे 'चौंकानेवाला' बताया था। कुरैशी के पिता निसार मौत के आखिर तक डॉक्टर के तौर पर सेवा अंजाम देते रहे। पिछले साल कोविड-19 की जटिलताओं के कारण 73 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।

निसार ने डॉक्टरी की पढ़ाई ढाका यूनिवर्सिटी से पूरी की थी। उस वक्त उसे पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा था और अब बांग्लादेश का है। कुरैशी की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताया जा रहा है लेकिन कुछ मुस्लिम समूह के बीच जज बनने से पहले उनके काम पर शंकाएं भी बरकरार हैं। अमेरिकी बार एसोसिएशन ने कहा है कि नियुक्ति संघीय बेंच पर मुस्लिमों के उचित प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहला कदम है।