ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार इस वर्ष मणिपुर राज्य जितना बजट स्वनिर्भर समूहों को आगे बढ़ने की योजना पर खर्च करेगी। यह घोषणा राज्य के पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने की। वे सिलीगुड़ी के कंचनजंघा स्टेडियम में आयोजित दूसरे सरस मेला के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीप प्रज्वल्लित कर मेले का शुभारंभ करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि इस वर्ष मार्च महीने तक राज्य के सभी जिलों के स्वनिर्भर गोष्ठियों को साढ़े छह हजार करोड़ से अधिक लोन दिलाने की योजना है। इस आर्थिक सहायता से गांव में हस्त शिल्प  व गृह उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा, जितना धन राज्य सरकार इसपर खर्च करेगी उतना मणिपुर राज्य का बजट होता है।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर शुरू विभिन्न योजनाओं से गांव की महिलाएं स्वनिर्भर बन रही हैं।

 

एनआरएलएम में बीते वर्ष पश्चिम बंगाल पूरे देश में पुरस्कृत हुआ है। महिलाओं को स्वनिर्भर व गांव की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार और भी कई अहम योजनाओं पर विचार विमर्श कर रही है। मुखर्जी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सिलीगुड़ी को कोलकाता के बाद दूसरा शहर बनाना चाहती है, ताकि यहां के लोगों को किसी भी चीज या कार्य के लिए कोलकाता का दौरा न करना पड़े। इसीलिए सिलीगुड़ी में सचिवालय के साथ अन्य सुविधाएं, शिल्पी हाट आदि उपलब्ध करायी जा रही है। अगले वर्ष सरस मेला को कोलकाता की भांति और भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है। राष्ट्रीय स्तर का मेला होने से इसका आकर्षण और भी अधिक बढ़ जाता है।

 

अपने संबोधन में मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने विभागीय सचिव छेटन डी लामा की जमकर तारीफ की। सरस मेला के उद्घाटन समारोह में उपस्थित उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्र नाथ घोष ने भी सरकार व मंत्री सुब्रत मुखर्जी का धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मार्च तक राज्य के सभी जिलों के स्वनिर्भर गोष्ठियों में साढ़े छह हजार करोड़ रूपये से अधिक का लोन दिया जाएगा, जिसमें सिर्फ कूचबिहार जिले के स्वनिर्भर गोष्ठियों में आठ सौ करोड़ से अधिक लोन देने की योजना है। 

इसके अतिरिक्त राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने भी अपने संबोधन में अगले वर्ष कोलकाता की भांति बड़े पैमाने पर सरस मेला आयोजित कराने के लिए स्थान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसके सरस मेला के उद्घाटन अवसर पर सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी के विधायक शंकर मालाकार, सिलीगुड़ी नगर निगम के 12 नंबर वार्ड पार्षद नांटू पाल, सिलीगुड़ी महकमा शासक सिराज दानेश्वर, जलपाईगुड़ी जिला शासक गौरी देवसरिया व अन्य उपस्थित थे। सिलीगुड़ी के कंचनजंघा मेला ग्राउंड में दूसरे सरस मेला का उद्घाटन किया गया। इस मेले में पश्चिम बंगाल राज्य के सभी जिलों के साथ पड़ोसी राज्य केरल, ओडिसा व उत्तर प्रदेश के भी स्वनिर्भर गोष्ठियों ने हिस्सा लिया है। सरस मेला में कुल 110 स्टॉल लगाए गए हैं, जिसमें उत्तर 24 परगना, नदिया आदि की विख्यात हस्त शिल्प साड़ी, कपड़े व अन्य वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त बंगाल के विभिन्न जिलो के विख्यात चावल, घर सजावटी व अन्य आकर्षक वस्तुएं हैं।