आज ईद त्योहार का पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। चांद की एक झलक इस त्योहार का आगाज करती है। आज मुस्लिम समुदाय के लिए खास दिन है आज घरों में तरह तरह पकवान बनाए जाएंगे। इसी खास मौके पर पवित्र कुरान शरीफ के बारे में जानिए जो माचिस की डिब्बी जितनी है। दिखने में ये जितनी छोटी है उतनी यह खूबसूरत भी है।


यह दुनिया की सबसे छोटी कुरान भारत देश के मध्य प्रदेश के रीवा की मन्नान मस्जिद के पास रहने वाले मरहूम अनवारुल हक़ के परिवार के पास है। परिवार का दावा है कि यह दुनिया की सबसे छोटी कुरानों में से एक है। इस कुरान की खासियत यह है कि इसकी लंबाई और चैड़ाई बेहद छोटी होने के बावजूद यह सोने के पानी से लिखी हुई है।

इस कुरान शरीफ के ही कवर में लगे लेंस से इसकी आयतों को आसानी से पढ़ा जा सकता है। मरहूम अनवारुल हक के परिवार में पिछले सात पुश्तों से यह कुरान शरीफ है। पर यह उनके परिवार में कैसे आई, इसक पता किसी को भी नहीं है। ये छोटी कुरान शरीफ उनके परिवार में दो है। इसकी खासियत ये है की यह माचिस की डिब्बी से भी छोटी है और एक माचिस की डिब्बी में दो कुरान शरीफ आ जाती है।




माचिस की डिब्बी कुरान शरीफ की खासियत


-इसकी लिखावट सोने के पानी से है और ऊपर से चमड़े का कवर है।

-इस कुरान शरीफ में वह सारी आयतें लिखी हुई है जो एक बड़ी कुरान-ए-शरीफ में लिखी होती है।

-घर के लोग अपने पुरखों की इस धरोहर को 7 पुश्तों से सहेज कर रखे हुए है और इसे आगे भी कायम रखने की बात कहते हैं।
-मरहूम अनवारूल हक के पास यह कुरान शरीफ दो प्रति में है।

-यह विश्व की सबसे छोटी और दुर्लभ कुरानों में से एक है और पीढ़ी दर पीढ़ी से

उनका परिवार के पास यह कुरान शरीफ है जिसे बहुत हिफाजत से यह परिवार अपने

पास रखे हुए है।