3 मई को देश का लॉकडाउन खुलने वाला है। लेकिन पूरे देश में नहीं खुलेगा क्योंकि देश के कई इलाकों में कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत ही ज्यादा है। तो लॉकडाउन खोलना वहां किसी खतरे के बाहर नहीं हैं। कई जगह कोरोना हॉटस्पॉट बना हुआ हैं। लेकिन सरकार ने तीन कैटगरी बनाई हैं। जिसमें ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन हैं जहां ग्रीन जोन में कोरोना का नामोनिशान ही राज्य या जिले में ना हो और ऑरेंज मतलब कि राज्य या जिले में 2-4 लोग ही कोरोना के शिकार हैं।


रेड जोन की बात करते हैं तो राज्या या जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत ही ज्यादा  हैं। वैसे बता दें कि देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से सरकार अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। हर जिले और राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जोन में बांट रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से तीन मई के बाद जिलों को अलग-अलग जोन के हिसाब से बांटा जाएगा।


देश में किसी जिले को तब ग्रीन जोन माना जाएगा जब वहां पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आएगा। सूची में तीन मई के बाद 130 जिलों को रेड, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। जानकारी दे  दें  कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलूरू, अहमदाबाद को रेड जोन में ही रखा है। 


इसके साथ महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के नौ, मध्य प्रदेश के नौ, राजस्थान के आठ जिले रेड जोन किए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे चिन्हित रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन के बारे में उन्हें सूचित करें।