जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र शारजील इमाम को बड़ा झटका लगा है। दरअसल दिसंबर 2019 में दिल्ली के जामिया इलाके में और जनवरी 2020 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों के लिए देशद्रोह और अन्य आरोप तय किए हैं। हालांकि, शरजील इमाम ने खुद को बेगुनाह बताते हुए मुकदमे का सामना करने की बात कही है।

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बता दें कि दिसंबर 2019 के शाहीन बाग विरोध के आयोजकों में से एक शरजील इमाम को दिल्ली पुलिस ने बिहार के जहानाबाद से 2020 में गिरफ्तार किया था। इमाम को जामिया मिलिल्ला इस्लामिया में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के मामले में जमानत दी गई थी, जब दिसंबर 2019 में विश्वविद्यालय के बाहर कथित तौर पर हिंसा हुई थी।

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बता दें कि कोर्ट ने 24 जनवरी 2022 को आरोप तय करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने शरजील की नियमित जमानत याचिका (Bail Application) खारिज कर दी थी। इस दौरान कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 26 मार्च, 2022 की तारीख दी गई है। इसके अलावा उन्हें जनवरी 2020 में उनके भड़काऊ भाषणों के लिए देशद्रोह से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उनकी “भारत से असम को काट दो” टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था।