सिकंदराबाद में बुधवार तड़के एक लकड़ी और कबाड़ की दुकान में भीषण आग लगने से बिहार के 11 श्रमिकों की जलकर मौत हो गई। घटना सिकंदराबाद के भोईगुड़ा इलाके की आईडीएच कॉलोनी में तड़के करीब चार बजे एक दुकान पर हुई।

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पुलिस ने कहा कि एक व्यक्ति आग से बाहर निकलने में कामयाब रहा। उसे गांधी अस्पताल ले जाया गया। सभी पीड़ित बिहार के प्रवासी श्रमिक थे और जब आग लगी तब वे सो रहे थे। अलग-अलग इलाकों से मौके पर पहुंची दमकल की पांच गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। शवों को गांधी अस्पताल भेज दिया गया है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि 10 शवों इतनी बुरी तरह से जले हुए थे की उनकी पहचान नहीं हो सकी। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सी.वी. आनंद ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा कि इमारती लकड़ी डिपो के मालिक की लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह घटना हुई है। 

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मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने आग दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है और मौतों पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने आग में मरने वालों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सोमेश कुमार को पीडि़तों के शवों को उनके मूल स्थानों पर भेजने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। पशुपालन मंत्री टी. श्रीनिवास यादव, मुख्य सचिव सोमेश कुमार और पुलिस आयुक्त आनंद ने घटनास्थल का दौरा किया। दुघर्टना में मारे गये लोगों की पहचान सिकंदर (40) बिट्टू (23), सतेंद्र (35) गोलू (28), दामोदर (27) राजेश (25) , दिनेश (35) राजू (25) चिंटू (25) दीपक (26) और पंकज (26) के रूप में की गयी है।