बिहार में पत्नी की याद में पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी की कहानी हिंदोस्तान में बहुत चर्चित है।  अब झारखंड के धनन्जय मांझी भी इन दिनों चर्चाओं में है, धनन्जय अपनी गर्भवती पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए 1300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर एमपी के ग्वालियर पहुंच गए।  झारखंड से ग्वालियर पहुंचने में धनन्जय को तीन दिन का समय लगा है।  अब धनन्जय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए है।  

बताया जाता है कि झारखंड के ग्राम गन्टा टोला जिला गोड्डा में रहने वाले धनन्जय अपनी पत्नी सोनी हेम्बरेम को डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) द्वितीय वर्ष की परीक्षा दिलाने के लिए  स्कूटी से ग्वालियर एमपी के लिए चल पड़ा।  बिहार, उत्तरप्रदेश के विभिन्न पहाड़ी, मैदारी रास्तों को पार करते हुए मध्यप्रदेश के ग्वालियर पहुंचे, धनंजय ने बताया कि दोपहिया से लंबे रास्ते में तेज बारिश होने पर हम एक पेड़ के नीचे दो घंटे तक खड़े रहे,  बिहार के भागलपुर से गुजरते समय बाढ़ का सामना करना पड़ा तो कई शहर और गांवों की बदहाल सड़कों से गुजरे गड्ढों के कारण काफी परेशानी हुई, जबकि मुजफ्फरपुर में एक रात लॉज में और लखनऊ में एक रात टोल टैक्स बैरियर पर भी रुके लेकिन पहुंच गए। 

पेट्रोल भराने पत्नी के जेवर गिरवी रखे-

धनंजय कैंटीन में खाना बनाने का काम करते थे और बीते तीन महीने से बेरोजगार हैं स्कूटी में पेट्रोल भरवाने के लिए धनंजय ने अपनी पत्नी के जेवर 10 हजार रुपये में गिरवी रखे हैं।  धनंजय खुद 10वीं पास भी नहीं हैं लेकिन वे अपनी पत्नी को शिक्षक बनाना चाहते हैं इसीलिए पत्नी फिलहाल डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रही हैं धनंजय और सोनी की अरेंज मैरिज दिसंबर 2019 में हुई इस पर धनंजय ने कहा कि दशरथ मांझी से उसे प्रेरणा मिली है।